Purohit Construction Ltd के लिए सितंबर तिमाही बेहद खराब रही। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू जीरो रहा और कंपनी को **₹10.09 लाख** का नेट लॉस हुआ है। इसके अलावा, टैक्स विवाद के चलते **₹69.45 लाख** का प्रोविजन भी किया गया है।
मुनाफे से नुकसान में कंपनी
Q2 FY27 में Purohit Construction के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। कंपनी को ₹10.09 लाख का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ₹9.97 लाख का मुनाफा कमा रही थी। छमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो नेट लॉस बढ़कर ₹88.84 लाख पर पहुंच गया है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पूरी तरह से ₹0 रहा है।
टैक्स विवाद की तलवार
कंपनी ने ₹69.45 लाख का GST प्रोविजन अलग से रखा है। यह मामला एक टैक्स विवाद से जुड़ा है। जून 2026 में कमिश्नर (Appeals) द्वारा चुनौती खारिज किए जाने के बाद, कंपनी ने अब Goods and Services Tax Appellate Tribunal (GSTAT) में अपील दायर की है। कानूनी लड़ाई का यह नतीजा कंपनी के कैश फ्लो पर और दबाव बना सकता है।
नई सब्सिडियरी और भविष्य
कंपनी ने 15 जुलाई 2026 को अपनी एक नई सब्सिडियरी, PEB PCL INFRACON LLP का गठन किया है। इसमें कंपनी की 51% हिस्सेदारी है। इन नतीजों में पहली बार इस नई सब्सिडियरी के परफॉर्मेंस को शामिल किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
- GST Litigation: GSTAT में चल रहा मामला कंपनी की फाइनेंशियल सेहत के लिए बड़ा रिस्क बना हुआ है।
- Cash Flow: छमाही आधार पर कंपनी का नेट कैश फ्लो ₹26.98 लाख नेगेटिव रहा है, जो लिक्विडिटी के संकट को दर्शाता है।
- Zero Revenue: रेवेन्यू का न होना कंपनी के लॉन्ग-टर्म बिजनेस मॉडल पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
