Purohit Construction AGM: ₹50 करोड़ निवेश और बड़े सौदों पर होगा फैसला, पर कंपनी को हो रहा भारी घाटा!

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Purohit Construction AGM: ₹50 करोड़ निवेश और बड़े सौदों पर होगा फैसला, पर कंपनी को हो रहा भारी घाटा!

Purohit Construction Ltd की 7 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में ₹50 करोड़ तक के निवेश और संबंधित पक्षों के साथ सौदों को मंजूरी मिल सकती है। वहीं, कंपनी ने FY26 में घाटा बढ़ने की रिपोर्ट दी है।

Purohit Construction Ltd ने अपनी 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का ऐलान कर दिया है, जो 7 सितंबर 2026 को होगी। इस मीटिंग में शेयरधारकों से कुछ अहम वित्तीय फैसलों पर मंजूरी मांगी जाएगी।

₹50 करोड़ तक के निवेश और लोन को मंजूरी

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को कंपनीज़ एक्ट, 2013 के सेक्शन 186 के तहत ₹50 करोड़ की कुल सीमा तक निवेश करने, लोन देने या गारंटी जारी करने के लिए अधिकृत किया जाएगा।

संबंधित पक्षों के साथ बड़े सौदे

शेयरधारकों से Aarush Procon LLP और PEB PCL Infracon LLP के साथ होने वाले रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (Related Party Transactions) को भी मंजूरी मिलेगी। इन सौदों का अनुमानित सालाना मूल्य FY 2026-27 से FY 2029-30 तक क्रमशः ₹8.50 करोड़ और ₹10.00 करोड़ तक हो सकता है।

नेतृत्व में स्थिरता

इसके अलावा, AGM में श्री नरेंद्र पुरोहित की मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर 5 साल के लिए और श्री दारपान शाह व श्री करण शाह की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर 8 जुलाई 2032 तक 5 साल के लिए पुनः नियुक्ति पर भी वोटिंग होगी।

शेयरधारकों के लिए क्यों है अहम?

यह बैठक कंपनी के भविष्य के संचालन और गवर्नेंस के महत्वपूर्ण पहलुओं पर शेयरधारकों की राय लेगी। प्रस्तावित निवेश सीमा और रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस कंपनी के फाइनेंस और ऑपरेशंस पर असर डाल सकते हैं, इसलिए इन पर सावधानी से विचार करने की ज़रूरत है। डायरेक्टर्स की पुनः नियुक्ति नेतृत्व में स्थिरता का संकेत देती है।

कंपनी की पिछली परफॉरमेंस

वित्तीय वर्ष 2025-26 में, Purohit Construction Ltd की कुल इनकम ₹19.07 लाख रही, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹12.03 लाख से ज़्यादा है। हालाँकि, कंपनी का घाटा बढ़ गया है। FY 2025-26 में प्री-टैक्स लॉस (₹33.86 लाख) रहा, जो पिछले साल (₹26.61 लाख) था। नतीजतन, पोस्ट-टैक्स लॉस बढ़कर (₹34.40 लाख) हो गया, जो पिछले साल (₹25.21 लाख) था। अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी (₹0.78) से घटकर (₹0.57) हो गया।

आगे क्या?

शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी को निवेश के लिए ज़्यादा अधिकार मिलेंगे और वह संबंधित पक्षों के साथ अपने व्यावसायिक सौदों को औपचारिक रूप देगी। डायरेक्टर्स की पुनः नियुक्ति से नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी। हालांकि, बढ़ते घाटे और बड़े सौदों पर बारीकी से नज़र रखने की ज़रूरत होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.