लिक्विडेशन (Liquidation) प्रक्रिया से गुजर रही Punj Lloyd ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के लिए वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को इस तिमाही में **₹720.76 करोड़** का बड़ा नेट लॉस हुआ है।
बिगड़ते हालात का असर
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने नतीजों का खुलासा किया है, जो कंपनी की गंभीर वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू मात्र ₹13.29 करोड़ रहा है, जबकि नेट लॉस ₹720.76 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
प्रशासनिक बदलाव और अनुपालन
मुश्किल दौर के बावजूद, कंपनी अपनी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित कर रही है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, कंपनी ने अपने रजिस्टर्ड ऑफिस को नेहरू प्लेस से बदलकर अब आनंद निकेतन, नई दिल्ली कर दिया है। इसके साथ ही, कॉरपोरेट अनुपालन और कानूनी मामलों को देखने के लिए सुश्री भविषा काकवानी को नया कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है।
लिक्विडेशन की राह
Punj Lloyd वर्तमान में NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) के निर्देशों के तहत लिक्विडेशन प्रक्रिया से गुजर रही है। पूरे ऑपरेशंस की कमान NCLT द्वारा नियुक्त लिक्विडेटर श्री अश्विन मेहरा के हाथों में है। कंपनी की रिपोर्ट्स में विदेशों में स्थित ब्रांच ऑफिस के रिकॉर्ड्स की कमी और एसेट्स को लेकर आ रही चुनौतियों का भी जिक्र किया गया है, जो पुराने ऑपरेशंस की जटिलता को उजागर करता है।
निवेशकों के लिए मुख्य सलाह यही है कि कंपनी का ध्यान फिलहाल किसी भी तरह की ऑपरेशनल रिकवरी के बजाय पूरी तरह कानूनी और एसेट रियलाइजेशन प्रक्रिया पर केंद्रित है।
