लंबे समय से दिवालिया प्रक्रिया (Insolvency Process) से गुजर रही Punj Lloyd के लिए एक बड़ा अपडेट है। Adani Infra (India) Limited ने **₹281.10 करोड़** में कंपनी का अधिग्रहण कर लिया है। इस बदलाव के साथ ही पुरानी इक्विटी शेयर पूंजी को खत्म कर दिया गया है और नई मैनेजमेंट टीम कमान संभाल रही है।
बड़ा बदलाव और रीस्ट्रक्चरिंग
Adani Infra (India) Limited (AIIL) ने Punj Lloyd को 'गोइंग कंसर्न' के तौर पर अधिग्रहित कर लिया है। 10 मार्च, 2026 को सेल सर्टिफिकेट मिलने के बाद कंपनी का पूरा ढांचा बदल दिया गया है। कंपनी के पुराने सभी इक्विटी शेयर खत्म (Extinguish) कर दिए गए हैं और एक नया बोर्ड नियुक्त किया गया है। अब कंपनी में AIIL की हिस्सेदारी 95% है, जबकि बाकी 5% हिस्सा Dincum Growth Fund Mauritius के पास है।
लंबी कानूनी लड़ाई का अंत
Punj Lloyd मार्च 2019 से कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में फंसी हुई थी और मई 2022 में लिक्विडेशन में चली गई थी। पिछले कई वर्षों से कंपनी ने न तो अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट फाइल किए थे और न ही AGM आयोजित की थी। यही कारण है कि 7 अक्टूबर, 2022 से इसके शेयरों की ट्रेडिंग एक्सचेंज पर सस्पेंडेड है।
नई मैनेजमेंट के सामने चुनौतियां
कंपनी की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी को ₹1,211.30 करोड़ का बड़ा नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल यह घाटा ₹147.58 करोड़ था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू केवल ₹195.69 करोड़ रहा। ऑडिटर्स ने भी कंपनी के इन्वेंट्री वैल्यूएशन और सब्सिडियरी कंपनियों जैसे PL Delta Technologies और PL Engineering के रिकॉर्ड्स को लेकर चिंता जताई है।
