Prostarm Info Systems ने FY26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **10%** बढ़कर ₹385.77 करोड़ हो गया है। इसके साथ ही, कंपनी ₹43.27 करोड़ का Preferential Issue लाने की योजना बना रही है और झज्जर में एक नई BESS फैसिलिटी के साथ मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार कर रही है।
Prostarm Info Systems का दमदार प्रदर्शन, विस्तार की ओर
Prostarm Info Systems Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए 10% की सालाना वृद्धि दर्ज की है, जिससे रेवेन्यू ₹385.77 करोड़ तक पहुंच गया है। टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट (PAT) में 14.40% का इजाफा हुआ और यह ₹33.00 करोड़ रहा।
खास बातें
कंपनी ने अपनी 19वीं एनुअल रिपोर्ट में FY2025-26 के वित्तीय प्रदर्शन का खुलासा किया। रेवेन्यू में 10% की वृद्धि के साथ ₹385.77 करोड़ और PAT में 14.40% की बढ़ोतरी के साथ ₹33.00 करोड़ दर्ज किए गए। कंपनी के बोर्ड ने ₹147 प्रति वारंट की दर से 29,43,717 कनवर्टिबल वारंट्स के Preferential Issue को भी मंजूरी दे दी है, जिससे कुल ₹43.27 करोड़ जुटाए जाएंगे। यह राशि वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए है।
एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, कंपनी हरियाणा के झज्जर में 1.2 GWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का निर्माण कर रही है। यह यूनिट FY 2026-27 की पहली छमाही में चालू होने की उम्मीद है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
कंपनी की लगातार डबल-डिजिट फाइनेंशियल ग्रोथ उसकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट डिमांड को दर्शाती है। BESS मैन्युफैक्चरिंग में विस्तार Prostarm को एनर्जी ट्रांज़िशन के दौर में भारत के बढ़ते एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस पर फोकस का फायदा उठाने के लिए तैयार करता है। Preferential Issue, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक पूंजी प्रदान करेगा।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Prostarm Info Systems Ltd. लगातार वित्तीय वृद्धि दिखा रही है। इसके बिजनेस सेगमेंट में मैन्युफैक्चर्ड पावर सॉल्यूशन प्रोडक्ट्स (38% रेवेन्यू), सिस्टम इंटीग्रेशन सॉल्यूशंस (32%) और थर्ड-पार्टी पावर सॉल्यूशंस (27%) शामिल हैं।
आगे क्या?
नई BESS फैसिलिटी के साथ कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तैयार है। Preferential Issue से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और ऑपरेशनल जरूरतों के लिए लिक्विडिटी मिलेगी।
जोखिम
मैनेजमेंट ने बताया कि जियो-पॉलिटिकल डेवलपमेंट और सप्लाई चेन में रुकावटों ने पिछले साल प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन को प्रभावित किया। इसके अलावा, प्रोजेक्ट-लेड एग्जीक्यूशन के कारण रिसीवेबल साइकिल्स लंबे हो सकते हैं, जिसका असर वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर पड़ सकता है।
प्रदर्शन मेट्रिक्स
- FY2025-26 का रेवेन्यू: ₹385.77 करोड़ (10.00% YoY ग्रोथ)
- FY2025-26 का EBITDA: ₹52.16 करोड़ (10.00% YoY ग्रोथ)
- FY2025-26 का PAT: ₹33.00 करोड़ (14.40% YoY ग्रोथ)
- Preferential Issue साइज: ₹43.27 करोड़ (₹147/वारंट पर 29,43,717 वारंट्स)
- BESS फैसिलिटी क्षमता: 1.2 GWh
- AGM की तारीख: 11 सितंबर, 2026
आगे क्या देखें
निवेशक झज्जर BESS फैसिलिटी के चालू होने और भविष्य के रेवेन्यू में इसके योगदान पर बारीकी से नजर रखेंगे। सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन के मामले में प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होगा।
