Promax Power ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में अब तक का सबसे ज्यादा **₹70.73 करोड़** का रेवेन्यू हासिल किया है, जो **6.5%** की बढ़ोतरी दर्शाता है। हालांकि, बढ़ते प्रोजेक्ट खर्चों के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट **63.4%** गिरकर **₹0.86 करोड़** रह गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में 6.5% की ग्रोथ देखी गई है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव साफ है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹2.34 करोड़ था, जो इस बार घटकर मात्र ₹0.86 करोड़ रह गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, यह गिरावट उनके बिजनेस मॉडल में हो रहे बड़े बदलाव और बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों के कारण आई है।
नई बिजनेस स्ट्रेटजी
Promax Power अब ट्रेडिशनल EPC मॉडल से आगे बढ़कर नई एनर्जी सॉल्यूशंस की ओर कदम बढ़ा रही है:
- सोलर एसेट: HESCOM के साथ 6 MW के सोलर प्रोजेक्ट के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट साइन किया गया है।
- EV विस्तार: कंपनी ने अपनी एसोसिएट फर्म Promax PlugUp EV के जरिए AC/DC चार्जर्स का पोर्टफोलियो बढ़ाया है, जो अब अमेरिका में भी अपनी सेवाएं दे रही है।
- ESG फोकस: कंपनी ने Promax CarbonTier के जरिए कार्बन क्रेडिट एडवाइजरी मार्केट में भी एंट्री की है।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी अपडेट
कंपनी ने M/s Manish Jain & Associates को अगले 5 साल के लिए सांविधिक लेखा परीक्षक (Statutory Auditor) नियुक्त किया है। हालिया ऑडिट रिपोर्ट में रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी जैसी कुछ कमियां सामने आई थीं, जिन्हें कंपनी ने प्रक्रियात्मक चूक बताते हुए अब सुधारने का दावा किया है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या सोलर और EV जैसे नए निवेश कंपनी के मार्जिन में सुधार ला पाते हैं या नहीं।
