Privi Speciality Chemicals के शेयरहोल्डर्स ने कंपनी की दो सहायक कंपनियों, Privi Fine Sciences और Privi Biotechnologies के विलय (Merger) पर अपनी मुहर लगा दी है। NCLT की निगरानी में हुई इस मीटिंग में योजना को भारी बहुमत से पास किया गया है।
मर्जर से क्या बदलेगा?
Privi Speciality Chemicals Limited ने अपनी सब्सिडियरी कंपनियों Privi Fine Sciences Private Limited और Privi Biotechnologies Private Limited के मर्जर की प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से आगे बढ़ा दिया है। यह फैसला सितंबर 2026 में मिले NCLT के आदेश के बाद आया है, जिससे अब सभी केमिकल ऑपरेशन्स एक ही लिस्टेड एंटिटी के तहत आ जाएंगे।
मीटिंग की अहम बातें
27 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई NCLT-कन्वेन्ड मीटिंग में कुल 57 मेंबर्स शामिल हुए। इस पूरी कार्यवाही की अध्यक्षता मिस्टर मोहन प्रसाद तिवारी ने की। स्क्रूटाइजर मिसेज दीप्ति अर्पित नागौरी की फाइनल रिपोर्ट के अनुसार, मर्जर के प्रस्ताव को जरूरी बहुमत के साथ पारित कर दिया गया है।
कंपनी की रणनीति
इस मर्जर का मुख्य उद्देश्य कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग और R&D ऑपरेशन्स को सेंट्रलाइज करना है। इससे न केवल कंपनी का कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर आसान होगा, बल्कि रिसोर्स एलोकेशन (Resource Allocation) में भी बेहतर तालमेल बैठ पाएगा। करीब 43 मिनट तक चली इस मीटिंग में मैनेजमेंट ने शेयरहोल्डर्स के सवालों के जवाब भी दिए।
आगे क्या होगा?
शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी अब स्क्रूटाइजर की रिपोर्ट को स्टॉक एक्सचेंज के साथ फाइल करेगी। इसके बाद, मर्जर को अंतिम कानूनी मंजूरी के लिए संबंधित अथॉरिटीज के पास भेजा जाएगा।
