Prism Johnson ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 8.4% बढ़कर ₹7,404 करोड़ हो गया, वहीं EBITDA में 52.1% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही, कंपनी ने अपने नेट डेट (Net Debt) में भी बड़ी कटौती की है।
Prism Johnson के FY26 नतीजे: रेवेन्यू में 8.4% का इजाफा, EBITDA 52.1% उछला
Prism Johnson ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 8.4% बढ़कर ₹7,404 करोड़ पर पहुंच गया। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का EBITDA 52.1% की छलांग लगाकर ₹693 करोड़ हो गया। मार्जिन की बात करें तो यह 9.4% रहा। कंपनी ने 31 मार्च 2026 तक अपने नेट डेट (Net Debt) को भी घटाकर ₹646 करोड़ कर लिया है।
इसके अलावा, कंपनी ने एक बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम उठाते हुए अपनी इंश्योरेंस कंपनी Raheja QBE General Insurance Company Limited में अपनी 51% हिस्सेदारी ज्वाइंट वेंचर पार्टनर QBE Group को बेचने का एग्रीमेंट किया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
ये नतीजे Prism Johnson के मुख्य बिल्डिंग मैटेरियल बिजनेस में मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस को दर्शाते हैं। रेवेन्यू में बढ़ोतरी और मुनाफे में तेज उछाल, बेहतर प्राइसिंग पावर और कॉस्ट एफिशिएंसी की ओर इशारा करते हैं। इंश्योरेंस बिजनेस से बाहर निकलने का फैसला कंपनी को अपने मुख्य बिल्डिंग मैटेरियल सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करने का मौका देगा, जिससे शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ सकती है।
क्या है पिछला रिकॉर्ड?
वित्तीय वर्ष 2024-25 में, Prism Johnson का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹6,830 करोड़ और EBITDA ₹456 करोड़ था। इस साल के नतीजे पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर हैं। कंपनी ने अपने सीमेंट सेगमेंट में प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया है और टाइल्स व बाथवेयर डिवीजन की ऑपरेशनल चुनौतियों को संभाला है।
आगे क्या बदलेगा?
Raheja QBE General Insurance से बाहर निकलने से कंपनी की संरचना और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग आसान हो जाएगी। अब Prism Johnson पूरी तरह से सीमेंट, टाइल्स और बाथवेयर, और रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) बिजनेस पर फोकस करेगी। इससे इन सेगमेंट्स में एफिशिएंसी बढ़ने और रिसोर्स एलोकेशन बेहतर होने की उम्मीद है।
किन रिस्क पर नजर रखें?
कंपनी को सीमेंट इंडस्ट्री में तगड़े कंपटीशन का सामना करना पड़ रहा है, जहां दूसरे प्लेयर्स भी अपनी कैपेसिटी बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा, एनर्जी और फ्रेट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव बनाए रख सकता है।
सेगमेंट के हिसाब से प्रदर्शन:
- Prism Cement: रेवेन्यू 12.7% बढ़कर ₹3,405 करोड़ रहा, जबकि सेल्स वॉल्यूम 11.7% बढ़ा। प्रीमियम उत्पादों का शेयर 42% से बढ़कर 54% हो गया।
- Tiles and Bathware: रेवेन्यू 2.3% बढ़कर ₹2,447 करोड़ रहा, EBITDA मार्जिन 5.8% से सुधरकर 7.3% हो गया।
- Ready-Mix Concrete (RMC): रेवेन्यू 9.6% बढ़कर ₹1,551 करोड़ रहा, और EBITDA 37.2% बढ़कर ₹113 करोड़ हो गया। इस सेगमेंट के पास बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 1.4 mn m³ का ऑर्डर बुक है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक Prism Johnson की अपने मुख्य बिजनेस स्ट्रेटेजी पर अमल करने की क्षमता, प्रतिस्पर्धी माहौल में मार्केट शेयर बनाए रखने और इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता को मैनेज करने पर बारीकी से नजर रखेंगे। RMC ऑर्डर बुक की प्रगति भी भविष्य के ग्रोथ के लिए एक अहम इंडिकेटर होगी।
