Prime Industries का बड़ा दांव: डिफेंस और EV सेक्टर में एंट्री की तैयारी, ₹11.47 करोड़ जुटाएगी कंपनी

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Prime Industries का बड़ा दांव: डिफेंस और EV सेक्टर में एंट्री की तैयारी, ₹11.47 करोड़ जुटाएगी कंपनी

Prime Industries ने अपनी 34वीं AGM का ऐलान कर दिया है। कंपनी अब डिफेंस, न्यूक्लियर और EV कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उतरने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी **₹11.47 करोड़** का फंड जुटाएगी, जिसके तहत **27.3 लाख** शेयर **₹42** की कीमत पर जारी किए जाएंगे।

फंड का इस्तेमाल और स्ट्रैटेजिक शिफ्ट

कंपनी ने अपने कारोबार का दायरा बढ़ाने के लिए मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य आरएंडडी (R&D) और प्रिसिजन इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूत करना है ताकि कंपनी हाई-बैरियर वाले डिफेंस और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में अपनी पैठ बना सके।

AGM के अहम प्रस्ताव

19 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस मीटिंग में शेयरहोल्डर्स कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाएंगे:

  • कैपिटल विस्तार: कंपनी अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹35 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ करने पर विचार करेगी।
  • नया नेतृत्व: संजीव मलिक को 3 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया जाएगा।
  • ऑडिट: M/s अक्षय सिंगला एंड एसोसिएट्स को वैधानिक ऑडिटर के तौर पर नियुक्त करने का प्रस्ताव है।

संबंधित कंपनियों के साथ लेन-देन

बोर्ड ने मास्टर कैपिटल सर्विसेज और मास्टर ट्रस्ट जैसी कंपनियों के साथ प्रति ट्रांजैक्शन ₹200 करोड़ तक के संबंधित पार्टी लेनदेन (Related Party Transactions) के लिए मंजूरी मांगी है।

निवेशकों के लिए जोखिम

डिफेंस और EV मैन्युफैक्चरिंग एक जटिल क्षेत्र है, इसलिए बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी को एग्जीक्यूशन रिस्क पर बारीकी से नजर रखनी होगी। साथ ही, ₹200 करोड़ की ट्रांजैक्शन लिमिट का कंपनी के मौजूदा साइज के मुकाबले काफी बड़ा होना निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है, जिस पर वोटिंग के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.