Prime Industries Limited ने अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने **₹11.47 करोड़** जुटाने के लिए प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है, जिसके तहत **27.30 लाख** शेयर **₹42** प्रति शेयर के भाव पर जारी किए जाएंगे।
कारोबार का बदला दायरा
कंपनी केवल फंड जुटाने पर ही नहीं, बल्कि अपने बिजनेस ऑपरेशंस में बड़े बदलाव करने पर भी फोकस कर रही है। बोर्ड ने कंपनी के ऑब्जेक्ट क्लॉज में संशोधन को मंजूरी दी है, जिससे अब Prime Industries ऑटोमोबाइल डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और हाई-प्रिसिजन ऑटोमोटिव पार्ट्स के क्षेत्र में काम कर सकेगी। इसके अलावा, कंपनी का लक्ष्य डिफेंस और न्यूक्लियर इंडस्ट्री के लिए स्वदेशी कलपुर्जों (indigenous components) के रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग में उतरना भी है।
प्रेफरेंशियल इश्यू और कैपिटल स्ट्रक्चर
इस फंडरेजिंग के जरिए कंपनी अपनी अधिकृत शेयर पूंजी (authorised capital) को ₹35 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ करने की योजना बना रही है। शेयर अलॉटमेंट की बात करें तो उदय नारंग को 24,92,500 शेयर और कुशल मुच्छल को 2,37,500 शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखा गया है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
बिजनेस विस्तार के साथ-साथ कंपनी के गवर्नेंस में भी फेरबदल हुआ है। हरजीत सिंह अरोड़ा ने नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि उनकी जगह दीपक हांडा को एडिशनल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने दीक्षा तिवारी को कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि हालांकि यह एक रणनीतिक विस्तार है, लेकिन अभी तक कंपनी ने इन नए क्षेत्रों के लिए कोई ऑर्डर बुक या रेवेन्यू प्रोजेक्शन का खुलासा नहीं किया है। प्रेफरेंशियल इश्यू से इक्विटी का आधार बढ़ेगा, जिससे मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन (dilution) का असर हो सकता है। अब बाजार की नजरें कंपनी द्वारा फंड के उपयोग और नए प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर टिकी होंगी।
