Prime Industries Ltd ने अपनी 34वीं AGM के बाद एक बड़े स्ट्रैटेजिक रोडमैप पर मुहर लगा दी है। कंपनी संजीव मलिक को नया मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने के साथ ही अपनी ऑथोराइज्ड कैपिटल को **₹40 करोड़** तक बढ़ा रही है। इसके अलावा, कंपनी अब EV, ऑटोमोटिव और डिफेंस रिसर्च जैसे नए क्षेत्रों में अपना विस्तार करेगी।
बोर्ड में बड़ा फेरबदल और विजन
19 अक्टूबर, 2026 को संपन्न हुई 34वीं AGM में कंपनी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। संजीव मलिक को 3 साल के कार्यकाल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि दीपक हांडा को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी ने अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹35 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ करने का प्रस्ताव भी पास कर लिया है।
क्यों है यह फैसला अहम?
कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव करते हुए अब हाई-बैरियर इंडस्ट्रीज में कदम रखने की तैयारी की है। Prime Industries अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) डिजाइन और टेस्टिंग, ऑटोमोटिव पार्ट्स और डिफेंस व न्यूक्लियर रिसर्च के लिए प्रिसिजन-इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स बनाने का काम करेगी। साथ ही, कंपनी फेरस और नॉन-फेरस मेटल्स की ट्रेडिंग में भी उतरेगी।
फंड जुटाने की तैयारी और कॉर्पोरेट एक्शन
नए बिजनेस वर्टिकल्स को फंडिंग देने के लिए कंपनी ने 27,30,000 इक्विटी शेयर्स के प्रिफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है। इसके अलावा, कंपनी ने अगले 5 साल के लिए M/s अक्षय सिंगला एंड एसोसिएट्स को नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
हालाँकि डिफेंस और EV सेक्टर में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन ये बिजनेस काफी कैपिटल-इंटेंसिव हैं और इनमें हाई-लेवल टेक्निकल एक्सपर्टाइज की जरूरत होती है। कंपनी का मौजूदा ऑपरेशंस से इन हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग फील्ड्स में शिफ्ट होना एक बड़ा रिस्क भी है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या होगा?
अब निवेशकों को इस बात का इंतजार है कि प्रिफरेंशियल शेयर अलॉटमेंट में कौन से नॉन-प्रमोटर इन्वेस्टर्स शामिल होते हैं और उनकी प्राइसिंग क्या रहती है। आने वाली तिमाहियों में मैनेजमेंट द्वारा नए डिफेंस और EV प्रोजेक्ट्स के लिए कैपिटल एलोकेशन पर स्पष्टता मिलना जरूरी है।
