Prime Fresh Ltd के शेयर में बंपर तेजी! ₹274 करोड़ रेवेन्यू, ₹14 करोड़ मुनाफा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Prime Fresh Ltd के शेयर में बंपर तेजी! ₹274 करोड़ रेवेन्यू, ₹14 करोड़ मुनाफा

Prime Fresh Limited ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **32%** बढ़कर **₹274 करोड़** हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) **52%** की छलांग लगाकर **₹14 करोड़** पर पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी BSE मेन बोर्ड पर माइग्रेट हो गई है और अपनी ज़मीन का विस्तार भी किया है।

Prime Fresh Ltd के FY26 के नतीजे

Prime Fresh Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹274.0 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹206.8 करोड़ की तुलना में 32% की जोरदार बढ़ोतरी है। कंपनी का EBITDA भी 50% बढ़कर ₹20.0 करोड़ हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में 52% का इजाफा देखा गया और यह ₹14.0 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का PAT मार्जिन 5% रहा।'

आउटवर्ड वॉल्यूम में जबरदस्त उछाल

कंपनी के आउटवर्ड वॉल्यूम में 97.1% की भारी बढ़ोतरी हुई और यह 65,132 मीट्रिक टन (MT) तक पहुंच गया। यह दिखाता है कि कंपनी ने बाजार में अपनी पैठ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को काफी बढ़ाया है। PAT का रेवेन्यू से ज़्यादा तेज़ी से बढ़ना मैनेजमेंट की बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट या वैल्यू रियलाइजेशन की ओर इशारा करता है।

BSE मेन बोर्ड पर माइग्रेशन और ज़मीन का विस्तार

वित्तीय नतीजों के साथ-साथ, Prime Fresh Limited जून 2025 में BSE मेन बोर्ड पर माइग्रेट होने में सफल रही है। यह कंपनी के लिए एक बड़ा कदम है, जिससे उसे बाज़ार में ज़्यादा एक्सेस और निवेशकों की बेहतर विजिबिलिटी मिलेगी। कंपनी ने महाराष्ट्र के श्रीरामपुर और नासिक जिलों में ज़मीन भी खरीदी है, जिसका मकसद नई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना और अपनी प्रोसेसिंग या कोल्ड स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ाना है।'

आगे क्या?

BSE मेन बोर्ड पर माइग्रेशन से कंपनी की लिक्विडिटी और कैपिटल मार्केट तक पहुंच बढ़ सकती है। नई ज़मीन की खरीद भविष्य में कैपेसिटी बढ़ाने में मदद करेगी। CRISIL द्वारा BBB/Stable रेटिंग का री-अफर्मेशन कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को भी दर्शाता है।

जोखिम

हालांकि, कंपनी का मैनेजमेंट वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए थोड़ी सावधानी बरत रहा है। एक्सपोर्टर और HORECA (होटल/रेस्तरां/कैफे) सेगमेंट से डिमांड में नरमी आने की आशंका है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट पर असर पड़ सकता है, जिससे मार्जिन पर दबाव आ सकता है। निवेशकों को इन बाहरी दबावों के बीच कंपनी की ग्रोथ मोमेंटम बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.