Pricol Ltd के शेयर में तूफानी तेजी! कंपनी का रेवेन्यू ₹3,963 करोड़ के पार, किया बड़ा अधिग्रहण

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Pricol Ltd के शेयर में तूफानी तेजी! कंपनी का रेवेन्यू ₹3,963 करोड़ के पार, किया बड़ा अधिग्रहण

Pricol Ltd ने शानदार नतीजे पेश करते हुए अपने कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में **51.24%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब **₹3,963.85 करोड़** हो गया है। कंपनी ने **₹197.50 करोड़** में सनडम ऑटो कंपोनेंट्स के ऑटो बिजनेस का अधिग्रहण भी पूरा कर लिया है। इसके साथ ही, कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है, जिसमें श्रीमती वनिता मोहन ने पदभार छोड़ दिया है।

Pricol Ltd का शानदार प्रदर्शन, स्ट्रेटेजिक मूव्स के साथ दमदार ग्रोथ

Pricol Ltd ने अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की है, जिसमें साल-दर-साल (YoY) आधार पर 51.24% की प्रभावशाली ग्रोथ देखी गई है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹3,963.85 करोड़ हो गया है। इसके साथ ही, EBITDA ₹480.94 करोड़ (+45.95%) और PBT ₹330.94 करोड़ (+46.04%) दर्ज किया गया है।

क्या हुआ है खास?

Pricol Ltd ने हाल ही में सनडम ऑटो कंपोनेंट्स लिमिटेड (Sundaram Auto Components Limited) के ऑटो कंपोनेंट्स बिजनेस को ₹197.50 करोड़ में सफलतापूर्वक अधिग्रहित (acquire) कर लिया है। इस डील के पूरा होने से कंपनी की क्षमताओं में और इजाफा होगा।

इसके अलावा, कंपनी में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है। श्रीमती वनिता मोहन (Mrs. Vanitha Mohan) ने 35 साल के लंबे कार्यकाल के बाद चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। अब, श्री विक्रम मोहन (Mr. Vikram Mohan) 14 मई, 2026 से चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) का पद संभालेंगे।

क्यों है यह अहम?

लगातार बढ़ता रेवेन्यू कंपनी की मजबूत मार्केट डिमांड और कामयाब बिजनेस स्ट्रेटेजी को दर्शाता है। ऑटो कंपोनेंट्स बिजनेस का यह अधिग्रहण Pricol की इंजेक्शन-मोल्डेड प्लास्टिक कंपोनेंट्स में पकड़ को और मजबूत करेगा, जो कंपनी के ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और प्रिसिजन इंजीनियरिंग पर फोकस के अनुरूप है। नेतृत्व में यह बदलाव श्री विक्रम मोहन के नेतृत्व में कंपनी के लिए एक नई दिशा और नवाचार (innovation) पर जोर देगा।

आगे क्या?

निवेशकों को अब अधिग्रहित सनडम ऑटो कंपोनेंट्स बिजनेस के सफल इंटीग्रेशन और नई सब्सिडियरी, Pricol Autotech Limited के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी के टेक्नोलॉजिकल कोलैबोरेशन और कच्चे माल की कीमतों की अस्थिरता व करेंसी के जोखिमों से निपटने की क्षमता भी महत्वपूर्ण रहेगी।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.