Premier Polyfilm Limited ने फाइनेंशियल ईयर **2025-2026** के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट उछलकर **₹30.90 करोड़** पर पहुंच गया है और बोर्ड ने प्रति शेयर **₹0.15** का डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
मुनाफे की रफ्तार और वित्तीय सेहत
कंपनी ने बीते फाइनेंशियल ईयर में शानदार ग्रोथ दर्ज की है। जहां पिछले साल रेवेन्यू ₹301.39 करोड़ था, वहीं इस साल यह बढ़कर ₹338.90 करोड़ हो गया है। मुनाफे के मोर्चे पर भी मजबूती दिखी है और यह पिछले साल के ₹25.01 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹30.90 करोड़ पर पहुंच गया है। इसके चलते कंपनी का EPS भी ₹2.48 से सुधरकर ₹3.04 हो गया है।
बिजनेस विस्तार और नई पहल
कंपनी की ग्रोथ को PVC फ्लोरिंग और शिटिंग के बढ़ते प्रोडक्शन से सपोर्ट मिला है, जो 29,311 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। SIPCOT इंडस्ट्रियल पार्क में 18.13 एकड़ की नई सुविधा शुरू कर दी गई है। साथ ही, मैनेजमेंट अब सोलर पावर और PNG जैसे सस्टेनेबल ऊर्जा स्रोतों पर फोकस कर रहा है, ताकि लॉन्ग टर्म में मार्जिन बेहतर हो सके।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी ने अपनी लीडरशिप में बदलाव करते हुए Smt. Mainka Sharma को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है, जबकि Shri Umesh Kumar Agarwalla ने अपना पद छोड़ दिया है। Shri Mayank Goenka को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में फिर से जिम्मेदारी दी गई है।
जोखिम और सतर्कता
निवेशकों को कुछ कानूनी और रेगुलेटरी पहलुओं पर नजर रखनी चाहिए:
- GST विवाद: कंपनी PVC लैमिनेटेड नॉन-वोवन फैब्रिक के मामले में ₹98.58 लाख की डिमांड को लेकर GSTAT में कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
- रेगुलेटरी पेनल्टी: NSE पर समय पर डिस्क्लोजर न देने के कारण कंपनी को ₹50,000 का जुर्माना भी भरना पड़ा है।
