Precision Wires India ने Q1 FY27 में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 60% बढ़कर ₹1,770.48 करोड़ हो गया, वहीं नेट प्रॉफिट ₹46.45 करोड़ रहा। साथ ही, कंपनी विस्तार के लिए ₹150 करोड़ जुटाने की भी मंजूरी दी है।
Precision Wires India ने Q1 FY27 के लिए शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में, कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 60% का जबरदस्त इजाफा हुआ, जो ₹1,103.76 करोड़ से बढ़कर ₹1,770.48 करोड़ हो गया। नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले साल के ₹27.09 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹46.45 करोड़ हो गया।
इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने निवेशकों Anchorage Capital Scheme III और AADI Financial Advisors LLP को कंपल्सरी कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (CCDs) जारी करके ₹150 करोड़ जुटाने की मंजूरी दे दी है। इन CCDs पर 12% का कूपन रेट मिलेगा और इन्हें 18 महीनों के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। जुटाई गई राशि का उपयोग विस्तार परियोजनाओं, कैपिटल एक्सपेंडिचर और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन Precision Wires India के उत्पादों की अच्छी मांग और कुशल एग्जीक्यूशन को दर्शाता है। CCDs के माध्यम से पूंजी जुटाना कंपनी की विकास महत्वाकांक्षाओं, खासकर अपनी विनिर्माण क्षमताओं के विस्तार की ओर इशारा करता है। Silvassa विस्तार और आधुनिकीकरण परियोजना की क्षमता को बढ़ाना, संचालन को स्केल करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Precision Wires India, विभिन्न प्रकार के तार और केबल के निर्माण में एक प्रमुख खिलाड़ी है। कंपनी बढ़ते उद्योग की मांगों को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अपनी सुविधाओं का आधुनिकीकरण करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
₹150 करोड़ के CCDs की मंजूरी कंपनी की विस्तार योजनाओं, जिसमें संशोधित Silvassa परियोजना भी शामिल है, के लिए आवश्यक पूंजी प्रदान करेगी। नई CFO, श्रीमती करीना पारेख की नियुक्ति, श्री मोहनदास पाई के लंबे कार्यकाल के बाद वित्तीय नेतृत्व में निरंतरता सुनिश्चित करती है। IDFC फर्स्ट बैंक से ₹200 करोड़ की असुरक्षित वर्किंग कैपिटल सुविधा कंपनी के वित्तीय लचीलेपन को और मजबूत करती है।
हालांकि यह फंडरेज विस्तार के लिए है, भविष्य में CCDs का इक्विटी शेयरों में कन्वर्जन मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन का कारण बन सकता है। कंपनी को लक्षित क्षमता विस्तार हासिल करने और लाभप्रदता बनाए रखने के लिए जुटाई गई पूंजी को प्रभावी ढंग से तैनात करने की आवश्यकता होगी। CFO के पद में बदलाव पर भी निरंतर वित्तीय स्थिरता के लिए बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता होगी।
Precision Wires India का Q1 FY27 का रेवेन्यू ₹1,770.48 करोड़ रहा, जो Q1 FY26 के ₹1,103.76 करोड़ से 60% अधिक है। Q1 FY27 के लिए नेट प्रॉफिट ₹46.45 करोड़ था, जो Q1 FY26 के ₹27.09 करोड़ से अधिक है। कंपनी ने ₹400 प्रति CCD की दर से ₹150 करोड़ के कुल 37,50,000 CCDs जारी करने को मंजूरी दी, जिसमें 12% कूपन रेट है।
निवेशक Silvassa विस्तार और आधुनिकीकरण परियोजना की प्रगति और इसकी अंतिम क्षमता (4,620 MT/PA) की निगरानी करने के इच्छुक होंगे। CCDs के कन्वर्जन टाइमलाइन और इक्विटी स्ट्रक्चर पर इसके प्रभाव को ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा। इन विस्तार योजनाओं को क्रियान्वित करते हुए कंपनी की राजस्व वृद्धि और लाभ मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता भी प्रमुख संकेतक होगी।
