Precision Wires India: कंपनी का बड़ा ऐलान! क्षमता बढ़ेगी **69,000 MT** तक, डिविडेंड भी **125%**

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AuthorNeha Patil|Published at:
Precision Wires India: कंपनी का बड़ा ऐलान! क्षमता बढ़ेगी **69,000 MT** तक, डिविडेंड भी **125%**

Precision Wires India ने वित्त वर्ष 2028 तक अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाकर **69,000 MT/वर्ष** करने की घोषणा की है। साथ ही, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए **125%** के दमदार डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी तांबे की रिफाइनिंग (Copper Refining) के क्षेत्र में भी कदम रखने की योजना बना रही है।

कंपनी के विस्तार की बड़ी योजना

Precision Wires India ने अपनी उत्पादन क्षमता को वित्त वर्ष 2028 तक बढ़ाकर 69,000 MT/वर्ष करने की महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया है। यह मौजूदा 55,000 MT/Year (FY26) की क्षमता से एक बड़ी छलांग होगी। कंपनी अपनी सिलवासा यूनिट के आधुनिकीकरण (Modernization) के जरिए वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही तक क्षमता को 61,700 MT/Year तक ले जाने का लक्ष्य रखती है।

नए सेगमेंट में एंट्री

विस्तार योजनाओं के साथ-साथ, कंपनी गुजरात में वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही तक एक तांबा रिफाइनिंग और रीसाइक्लिंग (Copper Refining & Recycling) प्रोजेक्ट शुरू करने की भी तैयारी कर रही है। यह कंपनी के बिजनेस में एक बड़ा डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) होगा।

निवेशकों को मिलेगा बंपर डिविडेंड

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 125% का शानदार डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है। यह पिछले 10 वर्षों के औसत 85.85% डिविडेंड से काफी अधिक है, जो मैनेजमेंट का कंपनी की भविष्य की कमाई और पूंजी आवंटन (Capital Allocation) पर मजबूत विश्वास दर्शाता है।

लागत बढ़ने का जोखिम

हालांकि, मैनेजमेंट ने अगले दो वित्तीय वर्षों (FY26-27) में लागत में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर भी चिंता जताई है। कच्चे माल, खासकर तांबे की कीमतों में डॉलर के मुकाबले 15% की वृद्धि, रुपये के कमजोर होने (INR में 4.5% की गिरावट), और भू-राजनीतिक जोखिमों (Geopolitical Risks) के कारण तेल और केमिकल की कीमतों में बढ़ोतरी से मार्जिन पर असर पड़ सकता है।

बैक-टू-बैक रणनीति

कंपनी कच्चे माल, जैसे तांबे की खरीद के लिए 'बैक-टू-बैक' (Back-to-Back) खरीद रणनीति अपनाती है, जिसमें वह पक्के बिक्री ऑर्डर के मुकाबले ही खरीदारी करती है। इससे मूल्य अस्थिरता (Price Volatility) के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। कंपनी के मुख्य सप्लायर्स में Hindalco, Vedanta, और Kutch Copper शामिल हैं। वाल्वडा, गुजरात में कंपनी की अपनी कॉपर रॉड फैसिलिटी पहले से ही चालू है।

आगे क्या?

निवेशकों को कंपनी की विस्तार परियोजनाओं और तांबा रिफाइनिंग वेंचर की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, मैनेजमेंट लागत दबावों (Cost Pressures) से निपटने और मार्जिन बनाए रखने में कितना सफल रहता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.