Precision Electronics Ltd ने शानदार वापसी करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में घाटे से मुनाफे में जगह बनाई है। कंपनी का रेवेन्यू 68% बढ़कर ₹79.74 करोड़ हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट ₹0.61 करोड़ दर्ज किया गया। साथ ही, कंपनी अपनी क्षमता का विस्तार कर रही है और ऑर्डर बुक में भी भारी उछाल देखा गया है।
Precision Electronics की मुनाफे में वापसी: ग्रोथ और विस्तार की कहानी
Precision Electronics Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹60.90 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के ₹57.64 लाख के घाटे से एक बड़ी और महत्वपूर्ण वापसी है।
निवेशकों के लिए खास: कंपनी ने मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और मुनाफा दर्ज किया है, जबकि क्षमता विस्तार और बढ़ती ऑर्डर बुक भविष्य के लिए अच्छे संकेत दे रहे हैं।
क्या हुआ?
Precision Electronics Ltd ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई है। कंपनी ने ₹7,973.79 लाख (लगभग ₹79.74 करोड़) का रेवेन्यू दर्ज किया, जो कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के ₹4,748.38 लाख की तुलना में करीब 68% ज्यादा है।
प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पिछले साल के ₹18.81 लाख से बढ़कर ₹143.51 लाख हो गया। वहीं, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹60.90 लाख रहा, जो कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के (₹57.64 लाख) के घाटे से काफी बेहतर है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
Precision Electronics के लिए मुनाफे में लौटना एक बड़ी उपलब्धि है। यह कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल और वित्तीय रिकवरी को दर्शाता है। रेवेन्यू में यह जबरदस्त उछाल बाजार की बढ़ती मांग और सफल बिजनेस स्ट्रेटेजी की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, बड़ी फैसिलिटी में विस्तार और मजबूत होती ऑर्डर बुक भविष्य की ग्रोथ के लिए अच्छे संकेत दे रहे हैं।
कहानी के पीछे
कंपनी पिछले कुछ समय से अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने पर काम कर रही थी। जारी किए गए नतीजे बताते हैं कि घाटे के दौर के बाद यह साल कंपनी के लिए काफी सफल रहा है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ध्यान देना और स्ट्रेटेजिक एक्सपेंशन इस सकारात्मक बदलाव के मुख्य कारण हैं।
अब क्या बदलेगा?
Precision Electronics अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को बल्लभगढ़, फरीदाबाद में एक बड़ी लीजहोल्ड फैसिलिटी में शिफ्ट कर रही है। इस कदम से मास्ट प्रोडक्शन कैपेसिटी मौजूदा 1,200 यूनिट प्रति वर्ष से बढ़कर 4,000 यूनिट प्रति वर्ष होने की उम्मीद है। कंपनी की ऑर्डर बुक में भी जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो 1 अगस्त, 2026 तक लगभग ₹72 करोड़ की हो गई है। इसमें से एक बड़ा हिस्सा मौजूदा वित्तीय वर्ष में डिलीवर होने की उम्मीद है।
जोखिम पर नज़र
जहां कंपनी सकारात्मक गति दिखा रही है, वहीं शेयरधारकों को नोएडा स्थित अपनी जमीन और इमारत की प्रस्तावित बिक्री पर भी ध्यान देना चाहिए। इस बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वर्किंग कैपिटल, कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex), कर्ज घटाने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एक सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में ऑर्डर डिस्क्लोजर और प्रमोटर ग्रुप की शेयरहोल्डिंग स्थिति से संबंधित अनुपालन में दो बार गड़बड़ी पाई गई है, जिस पर मैनेजमेंट ने जवाब दिया है।
आगे क्या देखें?
निवेशक अब बल्लभगढ़ स्थित नई फैसिलिटी में शिफ्टिंग के सफल निष्पादन, बढ़ी हुई प्रोडक्शन कैपेसिटी के उपयोग और मजबूत ऑर्डर बुक के आधार पर डिलीवरी पर बारीकी से नजर रखेंगे। प्रस्तावित संपत्ति की बिक्री का नतीजा और कंपनी का अनुपालन मानदंडों का पालन जारी रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
