Prashant India: ऑपरेशंस बंद, फिर भी दिखा मुनाफा; एसेट सेल के सहारे कंपनी की 'कागजी' कमाई

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Prashant India: ऑपरेशंस बंद, फिर भी दिखा मुनाफा; एसेट सेल के सहारे कंपनी की 'कागजी' कमाई

Prashant India ने FY26 में **₹6.37 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन यह बिजनेस से नहीं बल्कि एसेट बिक्री से हुई **₹10.23 करोड़** की कमाई का नतीजा है। कंपनी ने अपनी टेक्सटाइल और विंड पावर यूनिट्स बंद कर दी हैं और अब पूरा फोकस सिर्फ कर्ज चुकाने पर है।

ऑपरेशंस ठप, फिर भी प्रॉफिट क्यों?

कंपनी ने FY26 में ₹6.37 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल इसी समय कंपनी ₹0.20 करोड़ के नुकसान में थी। असल में कंपनी का कामकाज पूरी तरह से बंद हो चुका है और उसकी कुल ऑपरेशनल इनकम घटकर महज ₹0.09 करोड़ रह गई है। यह मुनाफा पूरी तरह से जमीन और बिल्डिंग जैसी संपत्तियों को बेचकर आया है ताकि कर्ज के बोझ को कम किया जा सके।

ऑडिटर्स की चेतावनी और गंभीर जोखिम

स्टैच्युटरी ऑडिटर M/s Ashish Bhoola & Co. ने कंपनी पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। ऑडिटर ने चिंता जताई है कि 1998 से ही कंपनी की नेट वर्थ नेगेटिव है। साथ ही, ₹11.54 करोड़ की देनदारियों और संदिग्ध एसेट्स के लिए कोई प्रोविजन नहीं किया गया है, जो कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' यानी आगे कामकाज जारी रखने की क्षमता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

कानूनी पेंच और भविष्य

कंपनी फिलहाल Procon Financial & Investment Private Limited के साथ कानूनी लड़ाई में फंसी है। यह मामला NCLAT में लंबित है, जहां कंपनी की एसेट सेल के खिलाफ चुनौती दी गई है। मैनेजमेंट का फिलहाल एक ही लक्ष्य है—सिक्योर्ड क्रेडिटर्स के साथ बातचीत करके ब्याज माफी पाना। निवेशकों के लिए कंपनी का भविष्य अभी भी अनिश्चित बना हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.