Prakash Pipes के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹43.26 करोड़** पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह **₹83.10 करोड़** था। हालांकि, कंपनी ने रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की है और निवेशकों के लिए **₹2.40** प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है।
मुनाफे में क्यों आई कमी?
कंपनी के रेवेन्यू में मामूली तेजी देखी गई है और यह ₹788.71 करोड़ तक पहुंच गया है, लेकिन रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ती लागत ने प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल दिया है। कंपनी का EBITDA भी गिरकर ₹75.85 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹130.22 करोड़ था।
वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद
मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी का कामकाज सुस्त नहीं है। PVC पाइप्स सेगमेंट में कंपनी ने 13% की वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की है, वहीं फ्लेक्सिबल पैकेजिंग सेगमेंट ने अब तक का अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 7% की बढ़ोतरी दर्ज की है।
लागत कम करने की तैयारी
कंपनी ने भविष्य के लिए कमर कस ली है। लागत कम करने और बिजली खर्च घटाने के लिए उत्तराखंड के काशीपुर प्लांट में 3.9 MW का सोलर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। साथ ही, एनर्जी सिक्योरिटी के लिए कंपनी ने BECIS Solar 3 Private Limited में 26% की हिस्सेदारी भी खरीदी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी का कामकाज काफी हद तक इंपोर्टेड PVC रेजिन पर निर्भर है, जिससे क्रूड ऑयल और करेंसी के उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है। फिलहाल रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ती महंगाई भी कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती है, जिस पर निवेशकों की नजर रखनी जरूरी होगी।
