Praj Industries के नतीजे:
Praj Industries ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में 70.9% की सालाना गिरावट के साथ ₹11.6 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹39.8 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) इस तिमाही में ₹844.5 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹859.8 करोड़ से 1.8% कम है। तिमाही के दौरान प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 97.4% की भारी गिरावट आई और यह ₹1.54 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹58.25 करोड़ था।
क्यों गिरी मुनाफा?
मुनाफे में आई इस भारी गिरावट की मुख्य वजह कंपनी की बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट (Operational Cost) और प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन में हो रही देरी है। इन वजहों से कंपनी समय पर प्रोजेक्ट पूरे नहीं कर पा रही है। हालांकि, कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग (Order Backlog) मजबूत बना हुआ है, लेकिन मार्जिन में आई कमी नियर-टर्म अर्निंग्स पर असर डाल सकती है।
नई योजनाओं पर भारी निवेश
Praj Industries अपनी Praj GenX (जेनएक्स) बिजनेस में बड़ा निवेश कर रही है, जो डेटा सेंटर कूलिंग सिस्टम जैसे मॉड्यूलर सॉल्यूशंस पर फोकस करता है। इस बिजनेस की मैच्योरिटी में समय लग रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने तिमाही के दौरान कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता का भी सामना किया।
आगे क्या?
इन नतीजों के बावजूद, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹3.6 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) का प्रस्ताव रखा है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 तक GenX बिजनेस को ब्रेक-ईवन (Break-even) पर लाना है। Q4 FY26 में कंपनी को ₹658 करोड़ के नए ऑर्डर्स मिले हैं, जिससे 31 मार्च 2026 तक कुल ऑर्डर बैकलॉग ₹4,305 करोड़ हो गया है, जिसमें बायोएनर्जी (Bioenergy) सेगमेंट का बड़ा योगदान है।
जोखिम के कारक
आगे चलकर एग्जीक्यूशन में देरी का रेवेन्यू और कॉस्ट स्ट्रक्चर पर पड़ने वाला असर, और GenX बिजनेस पर हर महीने आने वाला ₹10 करोड़ का फिक्स्ड ओवरहेड (Fixed Overhead) मुख्य जोखिम हैं। कच्चे माल की कीमतों में अनिश्चितता के कारण ₹300 करोड़ की पूछताछ (Inquiries) का टलना भी एक महत्वपूर्ण बिंदु है जिस पर नजर रखनी होगी।
