FY26 में Praj Industries के मुनाफे में भारी गिरावट
Praj Industries ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घटकर ₹23.85 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में ₹218.93 करोड़ था। यह 89.11% की भारी गिरावट है।
कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में भी 1.86% की मामूली गिरावट देखी गई, जो FY26 में ₹3,167.88 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹3,228.04 करोड़ था।
नतीजों पर नए लेबर कोड का असर
इस भारी गिरावट की मुख्य वजह ₹26.38 करोड़ का एक एक्सेप्शनल लॉस (Exceptional Loss) रहा। यह लॉस मुख्य रूप से भारत में 21 नवंबर, 2025 से लागू हुए नए लेबर कोड्स के कारण कर्मचारी लाभों (Employee Benefits) के लिए प्रोविजन्स में हुई एकमुश्त वृद्धि की वजह से हुआ। इसके चलते बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 89.08% गिरकर ₹1.30 प्रति शेयर हो गया, जो पिछले साल ₹11.91 था।
आगे क्या?
कंपनी ने ₹3.60 प्रति इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू का 180%) के डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है, जो शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर करेगा। हालांकि, मुनाफा घटने से निवेशकों की चिंताएं बढ़ सकती हैं। आगे चलकर यह देखना अहम होगा कि Praj Industries नए लेबर कोड्स से बढ़े हुए खर्चों को कैसे मैनेज करती है और अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे बेहतर बनाती है।
