Pradeep Metals Limited को Nami Capital Private Limited के साथ विलय के लिए NCLT से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस कंसोलिडेशन का उद्देश्य कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाना और कैपिटल एफिशिएंसी में सुधार करना है।
विलय की प्रक्रिया और NCLT का आदेश
मुंबई स्थित National Company Law Tribunal (NCLT) ने Nami Capital Private Limited और Pradeep Metals Limited के बीच विलय की योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। यह आदेश 29 अक्टूबर, 2026 को जारी किया गया है, जिसके लिए 1 अक्टूबर, 2026 को 'अपॉइंटेड डेट' (Appointed Date) तय किया गया है। कोर्ट ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी लेनदार या रेगुलेटरी अथॉरिटी की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई थी।
निवेशकों के लिए शेयर स्वैप रेशियो
विलय के प्रभावी होने के बाद, Pradeep Metals नए इक्विटी शेयर जारी करेगा। स्वैप रेशियो इस प्रकार है:
- Nami Capital के इक्विटी शेयरधारकों के लिए: हर 300 शेयर के बदले 19,007 Pradeep Metals के शेयर मिलेंगे।
- Nami Capital के प्रेफरेंस शेयरधारकों के लिए: हर 17 प्रेफरेंस शेयर के बदले 1 Pradeep Metals का शेयर जारी किया जाएगा।
आगे की राह और ROC फाइलिंग
NCLT के आदेश के बाद, कंपनियों को अगले 30 दिनों के भीतर मुंबई स्थित Registrar of Companies (ROC) के पास सर्टिफाइड कॉपी फाइल करनी होगी। ROC फाइलिंग पूरी होते ही Nami Capital का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और उसकी तमाम संपत्तियां और देनदारियां Pradeep Metals में स्थानांतरित हो जाएंगी। इसके साथ ही कंपनी की कुल जारी शेयर पूंजी में बढ़ोतरी होगी।
किन बातों का रखें ध्यान?
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि विलय के प्रभावी होने की तारीख ROC के पास दस्तावेज जमा करने पर निर्भर करती है। यदि रेगुलेटरी अनुपालन में देरी होती है, तो इस पुनर्गठन से मिलने वाले परिचालन और पूंजीगत लाभ मिलने में समय लग सकता है।
