Prabhhans Industries ने अपनी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) अब 30 सितंबर 2026 को तय की है। कंपनी इस बैठक में ₹100 करोड़ तक कर्ज लेने की मंजूरी और डायरेक्टर्स को दिए गए अतिरिक्त पेमेंट के रेगुलराइजेशन पर निवेशकों की राय लेगी।
AGM का नया शेड्यूल और एजेंडा
Prabhhans Industries ने अपनी 32वीं AGM, जो पहले 21 अगस्त 2026 को होनी थी, उसे टालकर अब 30 सितंबर 2026 कर दिया है। यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। बैठक का सबसे अहम हिस्सा कंपनी की उधार लेने की क्षमता को बढ़ाकर ₹100 करोड़ करना है, जिसके लिए सेक्शन 180(1)(c) के तहत निवेशकों की मंजूरी मांगी जाएगी।
डायरेक्टर्स का पेमेंट और विवाद
कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल इयर्स (FY25 और FY26) के दौरान मैनेजिंग डायरेक्टर सतनाम सिंह, और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स हरजोत कौर चावला व परमिंदर कौर को तय सीमा से अधिक सैलरी (Remuneration) दी है। अब कंपनी इसे शेयरधारकों से रैटिफाई (Ratify) कराने की कोशिश कर रही है, जो कि कंपनीज एक्ट के सेक्शन 197(1) के तहत जरूरी है।
फाइनेंशियल हेल्थ का हाल
कंपनी की टॉप-लाइन में ग्रोथ तो दिख रही है, लेकिन बॉटम-लाइन पर दबाव साफ है। कंपनी का रेवेन्यू ₹86.94 करोड़ से बढ़कर ₹101.08 करोड़ हो गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट ₹2.27 करोड़ से घटकर ₹1.64 करोड़ रह गया है। इसका मुख्य कारण बढ़ता खर्च और 1.00 का डेट-इक्विटी रेशियो (Debt-Equity Ratio) है, जो पिछले साल 0.63 था।
ऑडिट रिपोर्ट क्या कहती है?
ऑडिटर्स M/s Kapish Jain & Associates और सेक्रेटेरियल ऑडिटर्स M/s Vaibhav Sharma & Associates ने कंपनी के कामकाज में रेगुलेटरी नियमों का अनुपालन सही पाया है और अपनी रिपोर्ट में कोई बड़ी खामी नहीं निकाली है। हालांकि, निवेशकों की नजरें इस बात पर होनी चाहिए कि क्या कंपनी बढ़ती कर्ज की जरूरतों के बीच मुनाफा कमाने की रफ्तार को वापस पटरी पर ला पाएगी या नहीं।
