Power and Instrumentation (Gujarat) Ltd ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए **₹218.76 करोड़** का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **25%** ज्यादा है। नेट प्रॉफिट भी बढ़कर **₹14.84 करोड़** हो गया। हालांकि, ऑडिटर ने कंसोलिडेटेड नतीजों पर सवाल उठाए हैं क्योंकि इसमें ज्वाइंट वेंचर्स और सब्सिडियरी कंपनियों का अनऑडिटेड डेटा इस्तेमाल हुआ है।
Power and Instrumentation (Gujarat) Ltd: FY26 नतीजों में ग्रोथ, लेकिन ऑडिटर्स की चिंता
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस साल कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹218.76 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) के ₹168.84 करोड़ से काफी ज्यादा है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹14.84 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹11.76 करोड़ था।
स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर देखें तो, FY26 में रेवेन्यू ₹200.04 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹168.84 करोड़ से बढ़ा है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी ₹13.45 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹11.75 करोड़ से अधिक है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
रेवेन्यू और प्रॉफिट में यह बढ़त कंपनी के बेहतर प्रदर्शन को दिखाती है। शेयरधारकों को बढ़े हुए मुनाफे का फायदा मिलेगा, साथ ही कंपनी ने इस साल ₹32.97 लाख का डिविडेंड भी बांटा है। लेकिन, एक बड़ी चिंता का विषय यह है कि कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditors) ने कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों पर 'स्टेटमेंट ऑफ इम्पैक्ट क्वालिफिकेशन' (Statement of Impact Qualification) जारी किया है।
कंपनी का बिजनेस
Power and Instrumentation (Gujarat) Ltd मुख्य रूप से 'इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टिंग' के बिजनेस में है। कंपनी का प्रदर्शन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स पर काफी निर्भर करता है।
आगे क्या?
ऑडिटर की इस टिप्पणी का मतलब है कि कंसोलिडेटेड नतीजों के कुछ हिस्सों को पूरी तरह से वेरिफाई नहीं किया जा सका। ऐसा इसलिए है क्योंकि कंपनी ने ज्वाइंट वेंचर्स और सब्सिडियरी कंपनियों के अनऑडिटेड फाइनेंशियल डेटा पर भरोसा किया है। साथ ही, बिजनेस की तकनीकी प्रकृति के कारण इन्वेंट्री वैल्यूएशन को वेरिफाई करने में भी कुछ दिक्कतें आई हैं।
अहम आंकड़े (FY26 vs FY25)
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ: 29.55%
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ग्रोथ: 26.20%
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू ग्रोथ: 18.48%
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ग्रोथ: 14.47%
- वितरित डिविडेंड (FY26): ₹32.97 लाख
- बेसिक ईपीएस (कंसोलिडेटेड FY26): ₹4.54 (FY25 में ₹6.61 था)
- बेसिक ईपीएस (स्टैंडअलोन FY26): ₹7.71 (FY25 में ₹6.61 था)
आगे क्या देखें?
निवेशकों को कंपनी से इस बारे में और स्पष्टीकरण का इंतजार करना चाहिए कि वह ज्वाइंट वेंचर्स और सब्सिडियरी कंपनियों के अनऑडिटेड डेटा को कैसे मैनेज करेगी और इन्वेंट्री वैल्यूएशन की प्रक्रिया को कैसे बेहतर बनाएगी।
