Power Mech Projects ने Q1 FY27 के दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **52%** बढ़कर **₹79.77 करोड़** रहा, जबकि रेवेन्यू **26%** की तेजी के साथ **₹1,623.68 करोड़** पहुंच गया है।
मार्जिन पर क्यों दिखा दबाव?
कंपनी की ग्रोथ भले ही मजबूत दिख रही है, लेकिन ऑपरेशनल लेवल पर चुनौतियां बरकरार हैं। EBITDA मार्जिन 320 bps घटकर 10.78% पर आ गया है। इसकी मुख्य वजह मिडिल ईस्ट ऑपरेशंस में बढ़ी मटेरियल कॉस्ट और KRBM रिवर ड्रेजिंग प्रोजेक्ट के लिए रॉयल्टी शेयरिंग में हुई बढ़ोतरी है। इसके अलावा, KBP माइनिंग सेगमेंट में ओवरबर्डन हटाने पर खर्च बढ़ने से भी मुनाफे पर असर पड़ा है, जिसे मैनेजमेंट भविष्य के लिए जरूरी निवेश मान रहा है।
मजबूत ऑर्डर बुक (Order Book)
कंपनी का भविष्य सुरक्षित नजर आ रहा है क्योंकि कंपनी को इस फाइनेंशियल ईयर में अब तक ₹3,113 करोड़ के नए ऑर्डर्स मिले हैं। इसके साथ ही टोटल बैक-लॉग (Backlog) बढ़कर ₹56,647 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। इसमें Vedanta Power Limited के लिए मिला ₹970 करोड़ का O&M कॉन्ट्रैक्ट और JSW Thermal Energy के लिए मिला ₹855 करोड़ का सिविल वर्क शामिल है।
भविष्य की रणनीति
Power Mech अब माइन डेवलपर और ऑपरेटर (MDO) पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 सालों में 15 MTPA की कैपेसिटी हासिल करना है। साथ ही, दिसंबर 2026 तक नई कोकिंग कोल वॉशरी शुरू होने से रेवेन्यू में और मजबूती आने की उम्मीद है।
