Power Mech Projects ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **16%** बढ़कर **₹6,062 करोड़** हो गया है, जबकि प्रॉफिट **18%** उछलकर **₹412 करोड़** दर्ज किया गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की मुख्य बातें
Power Mech Projects Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में बेहतरीन रफ्तार पकड़ी है। कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान ₹6,062 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछले साल के ₹5,234 करोड़ के मुकाबले 16% ज्यादा है। कंपनी के मैनेजमेंट ने खर्चों पर बेहतर नियंत्रण रखा है, जिसका सीधा फायदा ₹412 करोड़ के नेट प्रॉफिट के रूप में दिखा है। बोर्ड ने प्रति शेयर ₹1.50 का डिविडेंड (Dividend) देने का ऐलान किया है।
क्यों बढ़ रहा है भरोसा?
कंपनी अब छोटे पैकेज से निकलकर बड़े 'Balance of Plant (BoP) EPC' कॉन्ट्रैक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें सबसे अहम BHEL का ₹2,550 करोड़ वाला 'Singareni' पैकेज है। साथ ही, कंपनी का 'Mine Developer and Operator (MDO)' बिजनेस भी अब रेवेन्यू देने लगा है। नवंबर 2025 से 'Kotre Basantpur Pachmo' खदान से कमर्शियल उत्पादन शुरू होना एक बड़ा माइलस्टोन है।
बिजनेस की ताकत और रिस्क
Power Mech फिलहाल भारत में 'Operations and Maintenance (O&M)' की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है, जो 26 प्लांट्स में कुल 36,154 MW क्षमता का काम संभाल रही है। ₹55,151 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी को आने वाले कई सालों तक काम की विजिबिलिटी दे रही है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर गौर करना होगा। वॉटर डिविजन में काम के सर्टिफिकेशन में देरी के कारण मार्जिन पर दबाव है। इसके अलावा, कंपनी का ज्यादातर कारोबार गिने-चुने बड़े सरकारी और प्राइवेट क्लाइंट्स पर निर्भर है, जो 'क्लाइंट कंसंट्रेशन रिस्क' पैदा करता है।
जरूरी आंकड़े:
- EBITDA: ₹750 करोड़ (पिछले साल ₹649 करोड़)
- EPS: ₹115 (पिछले साल ₹103)
