Power Grid Corporation of India (POWERGRID) ने एक नया इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट जीता है। कंपनी को **17 जुलाई 2026** को लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है, जिसके तहत यह BOOT मॉडल पर काम करेगी।
BOOT मॉडल पर मिला नया ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट
Power Grid Corporation of India Limited (POWERGRID) को एक इंटर-State Transmission System (ISTS) प्रोजेक्ट के लिए सफल बिडर घोषित किया गया है। कंपनी को 17 जुलाई 2026 को इसका लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) प्राप्त हुआ है।
क्या है यह प्रोजेक्ट?
POWERGRID ने टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) प्रक्रिया के जरिए यह ISTS प्रोजेक्ट हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट के दायरे में 765/400/220kV फतेहगढ़-II सबस्टेशन पर दो सिन्क्रोनस कंडेन्सर यूनिट्स की स्थापना और कमीशनिंग शामिल है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
इस जीत से POWERGRID के ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा और बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (BOOT) मॉडल के तहत एसेट्स को ओन करने और ऑपरेट करने की कंपनी की रणनीति मजबूत होगी। सिन्क्रोनस कंडेन्सर ग्रिड की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
पूरी कहानी
POWERGRID भारत की एक प्रमुख सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी है, जो देश के नेशनल ग्रिड के एक बड़े हिस्से के निर्माण और संचालन के लिए जिम्मेदार है। कंपनी नियमित रूप से अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए TBCB ऑक्शन में भाग लेती है।
आगे क्या होगा?
कंपनी अब इस प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन पर आगे बढ़ेगी, जिसमें सिन्क्रोनस कंडेन्सर यूनिट्स और संबंधित बेज़ की स्थापना शामिल है। इससे कंपनी के रेगुलेटेड एसेट बेस में वृद्धि होगी।
जोखिम पर नज़र
ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स में प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की समय-सीमा और संभावित लागत में वृद्धि जैसे जोखिम हमेशा मौजूद रहते हैं। सिन्क्रोनस कंडेन्सर की समय पर कमीशनिंग सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा।
साथियों से तुलना
POWERGRID ऐसे सेक्टर में काम करती है जहाँ अन्य सेंट्रल और स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटीज के साथ-साथ प्राइवेट प्लेयर्स भी प्रोजेक्ट बिड्स के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
मुख्य आंकड़े
यह प्रोजेक्ट TBCB प्रक्रिया के माध्यम से अवार्ड किया गया था और LoI 17 जुलाई 2026 को प्राप्त हुआ था।
आगे क्या देखें
निवेशकों को प्रोजेक्ट के काम की शुरुआत, प्रोजेक्ट माइलस्टोन की प्राप्ति और अंतिम कमीशनिंग की तारीख पर नज़र रखनी चाहिए।
