सालाना मुनाफे में दमदार ग्रोथ, पर Q4 में आय पर दबाव
Power Grid Corporation of India (POWERGRID) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। पूरे वित्त वर्ष के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹15,521.44 करोड़ की तुलना में 2.62% बढ़कर ₹15,927.95 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, स्टैंडअलोन (खुद का) मुनाफा 3.70% बढ़कर ₹15,921.00 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि स्टैंडअलोन खर्चे बढ़कर ₹30,236.78 करोड़ हो गए।
इसके विपरीत, चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी की कुल आय पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 4.92% घटकर ₹11,970.69 करोड़ रही।
निवेशकों के लिए खास बातें
कंपनी के बोर्ड ने विस्तार योजनाओं के लिए नई बैंक फैसिलिटी के जरिए ₹5,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दे दी है। बोर्ड ने ₹1.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है, जिससे पूरे साल का डिविडेंड बढ़कर ₹9.00 प्रति शेयर हो गया है।
जोखिम और भविष्य की राह
कंपनी का कंसोलिडेटेड बरोइंग (Borrowings) बढ़कर ₹1.48 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो कि चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, यह राशि विस्तार और पूंजीगत व्यय (CAPEX) के लिए है। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का सीधा असर देश के पावर ग्रिड की स्थिरता और विस्तार पर पड़ता है। लगातार सालाना मुनाफे में ग्रोथ और डिविडेंड भुगतान इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं। लेकिन बढ़ते कर्ज के स्तर पर नजर रखना जरूरी है, खासकर अगर रेवेन्यू ग्रोथ धीमी पड़ जाए या ब्याज खर्चे बढ़ जाएं।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY25: ₹15,521.44 करोड़ vs FY26: ₹15,927.95 करोड़
- कंसोलिडेटेड टोटल इनकम FY26: ₹47,684.43 करोड़
- कंसोलिडेटेड टोटल बरोइंग्स: ₹1.30 लाख करोड़ (मार्च 31, 2025) से बढ़कर ₹1.48 लाख करोड़ (मार्च 31, 2026)
भविष्य में इन बातों पर रखें नजर
- सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) के आने वाले टैरिफ आर्डर्स का वित्तीय असर।
- बढ़ते कर्ज और संबंधित ब्याज खर्चों को कंपनी कैसे मैनेज करती है।
- रिन्यूएबल एनर्जी के लिए नए ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स की प्रगति।
- Q4 में आय में आई गिरावट के रुझान का विश्लेषण।
- नई ₹5,000 करोड़ की बैंक फैसिलिटी के उपयोग पर मैनेजमेंट का दृष्टिकोण।