Power Grid Corporation के बोर्ड की मीटिंग 22 जुलाई 2026 को होनी है। इसमें कंपनी अपने उधार लेने की सीमा को FY27 के लिए ₹35,000 करोड़ तक बढ़ाने और FY28 में ₹35,000 करोड़ जुटाने पर विचार करेगी। इन प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी ज़रूरी होगी।
Power Grid Corporation के बड़े प्लान!
Power Grid Corporation ऑफ इंडिया लिमिटेड ने अपनी भविष्य की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। कंपनी अपने उधार लेने की सीमा को वित्तीय वर्ष (Financial Year) 2026-27 के लिए मौजूदा ₹30,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹35,000 करोड़ करने का प्रस्ताव रखने वाली है। इसके साथ ही, कंपनी वित्तीय वर्ष 2027-28 के दौरान ₹35,000 करोड़ तक की नई धनराशि जुटाने की योजना पर भी विचार करेगी।
इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग 22 जुलाई, 2026 को निर्धारित की गई है।'
शेयरधारकों की मंज़ूरी क्यों ज़रूरी?
यह ध्यान देने वाली बात है कि इन दोनों प्रस्तावों को अमली जामा पहनाने के लिए कंपनी के शेयरधारकों (Shareholders) से मंज़ूरी लेना अनिवार्य होगा। यह मंज़ूरी आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ली जाएगी।
क्यों कर रही है इतनी बड़ी बोरिंग?
Power Grid Corporation भारत में पावर ट्रांसमिशन सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है। माना जा रहा है कि यह बढ़ी हुई बोरिंग क्षमता कंपनी की आगामी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और विस्तार योजनाओं के लिए ज़रूरी पूंजी जुटाने के लिए है। कंपनी लगातार बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के ज़रिए अपने नेटवर्क को मजबूत करती रही है, और यह कदम उसी दिशा में एक और कदम है।
आगे क्या?
अब सबकी निगाहें 22 जुलाई, 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर टिकी हैं। अगर बोर्ड इन प्रस्तावों को मंज़ूरी देता है, तो इन्हें शेयरधारकों के सामने रखा जाएगा। निवेशकों को कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) और ब्याज चुकाने की क्षमता पर कड़ी नज़र रखनी होगी।
