Poojaa Precision Engineering ने H1 FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **68%** बढ़कर **₹210 करोड़** और नेट प्रॉफिट **88%** की जबरदस्त तेजी के साथ **₹25 करोड़** पर पहुंच गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
Poojaa Precision Engineering ने इस छमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी का टॉप-लाइन पिछले साल के ₹125 करोड़ से बढ़कर ₹210 करोड़ हो गया है। वहीं, EBITDA 73% बढ़कर ₹40 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन 19% पर स्थिर रहा।
भविष्य की रणनीति (Growth Roadmap)
कंपनी के पास ₹1,180 करोड़ का भारी-भरकम ऑर्डर बुक है, जो इसकी भविष्य की ग्रोथ को मजबूती दे रहा है। मैनेजमेंट का फोकस अपने रेवेन्यू मिक्स को ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव सेक्टर के बीच 50:50 के अनुपात में बांटने पर है ताकि रिस्क कम हो सके। एल्युमिनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए कंपनी ने ग्राहकों के साथ एक फुल पास-थ्रू मैकेनिज्म भी सेट किया है।
कैपेसिटी एक्सपेंशन और टारगेट्स
कंपनी ने FY30 तक ₹1,000 करोड़ के सालाना रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए कंपनी अपनी मेल्टिंग और कास्टिंग क्षमता को FY28 तक दोगुना करने की तैयारी कर रही है। अगले कुछ सालों में कंपनी 30%-35% CAGR ग्रोथ की उम्मीद कर रही है।
जोखिम और चुनौतियां
हालांकि कंपनी ने HAL और भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) से मंजूरी प्राप्त कर ली है, लेकिन एयरोस्पेस सेक्टर में कमर्शियल रेवेन्यू तक पहुंचने में अभी करीब 4 साल का समय लग सकता है। साथ ही, इतनी बड़ी क्षमता विस्तार के बाद उसे कुशलतापूर्वक मैनेज करना मार्जिन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
महत्वपूर्ण आंकड़े
कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल 45 दिन का है और इन्वेंट्री का स्तर ₹60 करोड़ है। फिलहाल, नॉन-ऑटोमोटिव बिजनेस से कंपनी को कुल मार्जिन का 60% हिस्सा मिल रहा है, जबकि ऑटोमोटिव सेक्टर का योगदान 40% है।
