Polycon International ने अपनी 35वीं एनुअल रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी को **₹2.88 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। बीते साल कंपनी मुनाफे में थी, लेकिन इस बार कम रेवेन्यू और बढ़ते कर्ज ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
फाइनेंशियल नतीजों का हाल
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने ₹2.88 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि इससे पिछले साल कंपनी ₹0.14 करोड़ के मुनाफे में थी। ऑपरेशन से होने वाली कुल कमाई भी घटकर ₹17.87 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल ₹22.13 करोड़ थी। कंपनी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए बोर्ड ने इस बार कोई भी डिविडेंड (Dividend) देने से मना कर दिया है।
क्यों दबाव में है कंपनी?
कंपनी के सामने फिलहाल दो बड़ी चुनौतियां हैं—पहला बाजार में बढ़ रहा तगड़ा कॉम्पिटिशन और दूसरा कच्चे माल (Raw material) व फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव। इन सबके बीच कंपनी का कुल कर्ज भी बढ़कर ₹41.55 करोड़ पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹39.50 करोड़ था।
गवर्नेंस और आगे का रास्ता
स्टैच्यूरी ऑडिटर M/s S R Goyal & Co. ने कंपनी की बैलेंस शीट पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। अब निवेशकों की नजर 30 सितंबर, 2026 को जयपुर में होने वाली 35वीं AGM पर टिकी है। इस बैठक में डायरेक्टर Prashant Singh Vohra की री-अपॉइंटमेंट पर भी चर्चा होगी। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी प्रोडक्शन एफिशिएंसी और कर्ज को कैसे मैनेज करती है।
