Polycab India ने Q2 FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **52.8%** बढ़कर **₹9,898.90 करोड़** और नेट प्रॉफिट **42.9%** बढ़कर **₹989.99 करोड़** पहुंच गया है।
मुनाफे की रफ्तार
कंपनी के शानदार परफॉर्मेंस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते साल की समान अवधि में रेवेन्यू ₹6,477.21 करोड़ था, जो अब ₹9,898.90 करोड़ पर पहुंच गया है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 42.9% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सीधे तौर पर कंपनी के मजबूत कामकाज को दर्शाती है।
सेगमेंट के आधार पर प्रदर्शन
कंपनी का मुख्य 'वायर्स एंड केबल्स' सेगमेंट ग्रोथ का इंजन बना हुआ है, जिसने अकेले ₹8,376.84 करोड़ का योगदान दिया है। वहीं, FMEG सेगमेंट में भी रिकॉर्ड तेजी देखी गई है, जहां रेवेन्यू पिछले साल के ₹452.18 करोड़ से बढ़कर ₹993.11 करोड़ पर पहुंच गया है, जो कि दोगुने से भी अधिक है।
कानूनी पचड़ा और राहत
Polycab हाल ही में तब चर्चा में आई थी जब NCLT अहमदाबाद ने ₹2.79 करोड़ के एक मामूली ऑपरेशनल डेट (ऋण) विवाद को लेकर दिवालिया याचिका स्वीकार कर ली थी। हालांकि, कंपनी ने इसके खिलाफ NCLAT में अपील की, जहां से उन्हें बड़ी राहत मिली है और NCLAT ने इस आदेश पर रोक लगा दी है। मैनेजमेंट ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि इस विवाद से कंपनी की फाइनेंशियल सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।
आगे की चुनौतियां
निवेशकों को अब कंपनी पर लागू होने वाले 2025 के 'Hazardous and Other Wastes Amendment Rules' और EPR (Extended Producer Responsibility) के नियमों पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल इन नियमों का सटीक वित्तीय प्रभाव स्पष्ट नहीं है, जो आने वाली तिमाहियों में कंपनी की ऑपरेटिंग कॉस्ट को प्रभावित कर सकता है।
