Pitti Engineering के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है। कंपनी की दो सब्सिडियरी कंपनियों—Pitti Industries और Dakshin Foundry—का पैरेंट कंपनी में विलय करने के लिए NCLT (Hyderabad) ने अपनी मुहर लगा दी है।
विलय का पूरा गणित (The Transaction)
कंपनी ने अपने कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। NCLT की हैदराबाद बेंच ने 8 सितंबर, 2026 को इस विलय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस विलय की 'अपॉइंटेड डेट' 1 अप्रैल, 2026 तय की गई है। अच्छी बात यह है कि चूंकि ये दोनों कंपनियां पहले से ही पूरी तरह से Pitti Engineering के स्वामित्व में थीं, इसलिए इस विलय में नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे, जिससे मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन का कोई खतरा नहीं है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस कदम के पीछे मुख्य मकसद कंपनी के कामकाज में कसावट लाना है। इन सब्सिडियरी कंपनियों के जुड़ जाने से कंपनी अपने एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस को और भी बेहतर तरीके से मैनेज कर पाएगी। इससे फालतू के खर्चों में कटौती होगी और कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बढ़ेगी। आने वाले समय में बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए एक मजबूत और सेंट्रलाइज्ड मैनेजमेंट ढांचा तैयार करने में यह विलय काफी मददगार साबित होगा।
अब आगे क्या?
कोर्ट से अप्रूवल मिलने के बाद अब कंपनी को Registrar of Companies (RoC) के पास औपचारिक फाइलिंग पूरी करनी होगी। जब तक यह आखिरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह मर्जर पूरी तरह से ऑपरेशनल नहीं माना जाएगा। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की अगली कॉर्पोरेट फाइलिंग्स पर नजर रखें ताकि इस विलय के पूर्ण होने की तारीख का पता चल सके।
