Pitti Engineering ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए **12.02%** की जोरदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो **₹1,952.91 करोड़** पर पहुंच गई है। कंपनी ने अपने EBITDA मार्जिन में भी सुधार किया है और शीट मेटल व कास्टिंग सेगमेंट में अपनी उत्पादन क्षमता (कैपेसिटी) बढ़ाने के लिए बड़ा निवेश कर रही है।
Pitti Engineering का शानदार FY26 प्रदर्शन: 12% रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन में सुधार
Pitti Engineering Limited (PEL) ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 12.02% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹1,952.91 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी का एडजस्टेड EBITDA 19.90% बढ़कर ₹325.79 करोड़ हो गया, जिससे मार्जिन पिछले साल के 15.94% से बढ़कर 17.03% हो गया। वहीं, एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹128.06 करोड़ रहा।
क्या है खास?
कंपनी की ओर से जारी एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,952.91 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1,743.36 करोड़ से काफी ज्यादा है। एडजस्टेड EBITDA में भी 19.90% का इजाफा देखने को मिला, जो ₹325.79 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 17.03% रहा, जो पिछले साल के 15.94% से बेहतर है। इसके अलावा, कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी मजबूत ₹204.91 करोड़ दर्ज किया गया।
भविष्य की तैयारी
Pitti Engineering अपनी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म को मजबूत करने पर फोकस कर रही है, जिससे वैल्यू एडिशन और लागत दक्षता (कॉस्ट एफिशिएंसी) बढ़ाई जा सके। कंपनी ने 0.74 के डेट-टू-इक्विटी रेशियो को बनाए रखा है।
क्या हो रहा है अब?
कंपनी ने बड़ा कैपेक्स (Capital Expenditure) प्लान तैयार किया है। ₹150 करोड़ के ब्राउनफील्ड एक्सपेंशन से 2026-27 की पहली छमाही तक शीट मेटल कैपेसिटी 1,08,000 टन और कास्टिंग कैपेसिटी 24,600 टन तक पहुँच जाएगी। इसके अलावा, ₹290 करोड़ की नई कैपेक्स परियोजना से 2029-30 की पहली तिमाही तक कास्टिंग 36,000 MT और मशीनिंग 10.8 लाख घंटे तक बढ़ जाएगी। बोर्ड ने FY26 के लिए ₹2.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। सहायक कंपनियों के विलय (Amalgamation) की योजना NCLT से मंजूरी का इंतजार कर रही है।
जोखिम और चुनौतियां
कंपनी ने घरेलू इलेक्ट्रिकल स्टील की 1,50,000 टन की कमी का उल्लेख किया है, जिससे इन्वेंट्री का स्तर बढ़ गया है। हालांकि ऑपरेटिंग कैश फ्लो मजबूत है, लेकिन सप्लाई दबाव कम होने पर वर्किंग कैपिटल की कुशल रिलीज और बढ़े हुए पेएबल साइकिल का सामान्यीकरण महत्वपूर्ण होगा।
आगे क्या देखना है?
निवेशक कंपनी की चल रही और नियोजित कैपेसिटी एक्सपेंशन योजनाओं की प्रगति, सहायक कंपनियों के सफल विलय और प्रबंधन की वर्किंग कैपिटल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे।
