Pitti Engineering Limited ने अपनी दो सब्सिडियरी कंपनियों Pitti Industries Private Limited और Dakshin Foundry Private Limited के साथ मर्जर की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। NCLT की मंजूरी के बाद यह विलय **23 सितंबर 2026** से प्रभावी हो गया है और कंपनी की अधिकृत शेयर कैपिटल अब **₹196.89 करोड़** हो गई है।
मर्जर की प्रक्रिया पूरी
Pitti Engineering ने अपनी सहायक कंपनियों Pitti Industries और Dakshin Foundry को अपने मुख्य व्यवसाय में पूरी तरह मिला लिया है। हैदराबाद स्थित National Company Law Tribunal (NCLT) से मंजूरी मिलने और Registrar of Companies के पास फॉर्म INC-28 दाखिल करने के बाद यह प्रक्रिया कानूनी रूप से संपन्न हो गई है। मर्जर के लिए 1 अप्रैल 2026 को 'अपॉइंटेड डेट' के रूप में तय किया गया था।
क्यों अहम है यह फैसला?
इस विलय का मुख्य उद्देश्य कंपनी के कॉर्पोरेट और ऑपरेशनल ढांचे को सरल बनाना है। सभी इकाइयों के एक साथ आ जाने से कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट और रिसोर्स मैनेजमेंट को और अधिक प्रभावी ढंग से मैनेज कर सकेगी।
कैपिटल स्ट्रक्चर में बदलाव
विलय की शर्तों के तहत, कंपनी ने अपने Memorandum of Association में बदलाव करते हुए अधिकृत शेयर कैपिटल को अपडेट कर दिया है। अब कंपनी की कुल अधिकृत पूंजी ₹196.89 करोड़ है, जिसे 39.37 करोड़ इक्विटी शेयरों में बांटा गया है, जिनकी फेस वैल्यू ₹5 प्रति शेयर है।
निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों को अब आने वाली तिमाही नतीजों (Quarterly Results) पर नजर रखनी चाहिए। बाजार यह देखेगा कि इस एकीकरण से कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सिनर्जी का कितना लाभ मिलता है, जो सीधे तौर पर कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में दिखाई देगा।
