Pidilite Industries ने अपनी सब्सिडियरी Pidilite Ventures के जरिए Finemake Technologies में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह डील कंपनी के पोर्टफोलियो को व्यवस्थित करने की रणनीति का हिस्सा है।
पोर्टफोलियो की सफाई का बड़ा कदम
Pidilite Industries ने अपने घाटे वाले वेंचर से बाहर निकलने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Pidilite Ventures Pvt. Ltd. (PVPL) के माध्यम से Finemake Technologies में अपनी पूरी हिस्सेदारी प्रमोटर्स को बेचेगी। इस डील के अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
क्यों लिया कंपनी ने यह फैसला?
Finemake Technologies एक घाटे में चल रही कंपनी रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ ₹6.18 करोड़ निगेटिव थी। Pidilite के कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में इस इकाई का योगदान मात्र 0.06% था और इसने ₹7.82 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। हालांकि यह वित्तीय असर कंपनी के विशाल आकार के सामने छोटा है, लेकिन बैलेंस शीट को बेहतर बनाने के लिए यह एक कड़ा कदम माना जा रहा है।
गवर्नेंस और डील की डिटेल्स
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह खरीदारी करने वाले लोग प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए इसे 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' के दायरे में नहीं रखा गया है। यह पूरा सौदा कैश में होगा, हालांकि वैल्यूएशन को अभी गोपनीय रखा गया है। निवेशक अब अक्टूबर 2026 तक इस डील के पूरी तरह क्लोज होने का इंतजार करेंगे।
