Pidilite Industries ने दक्षिण कोरिया की Hwaseung Chemical के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस डील का मकसद भारत में जूते बनाने वाली कंपनियों को ग्लोबल लेवल की और पर्यावरण के अनुकूल एडहेसिव (चिपकाने वाली) तकनीक मुहैया कराना है।
ग्लोबल टेक्नोलॉजी का भारत में प्रवेश
Pidilite Industries ने अपने इंडस्ट्रियल पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। इस पार्टनरशिप के तहत, दक्षिण कोरिया की Hwaseung Chemical की एडवांस बॉन्डिंग फॉर्मूलेशन तकनीक अब भारतीय मैन्युफैक्चरर्स के लिए उपलब्ध होगी। पिडिलाइट अपने मजबूत डिस्ट्रिब्यूशन और टेक्निकल नेटवर्क के जरिए इस तकनीक को देश के हर कोने तक पहुंचाएगी।
कंपनियों को क्या फायदा होगा?
भारतीय फुटवियर इंडस्ट्री अब एक्सपोर्ट मार्केट पर फोकस कर रही है। इस नई पार्टनरशिप के बाद, घरेलू कंपनियां REACH, RoHS और U.S. Clean Air Act जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाले लो-VOC और नॉन-फ्लेमेबल एडहेसिव का इस्तेमाल कर सकेंगी। इससे जूतों की मजबूती और क्वालिटी में सुधार आएगा, जिससे भारत के 'ग्लोबल फुटवियर हब' बनने के सपने को मजबूती मिलेगी।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है खास?
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बड़ी फुटवियर कंपनियां इस नई तकनीक को कितनी तेजी से अपनाती हैं। निवेशकों को पिडिलाइट के इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट सेगमेंट में होने वाली रेवेन्यू ग्रोथ पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह साझेदारी कंपनी के मार्जिन और मार्केट शेयर में इजाफा कर सकती है।
