Permanent Magnets Ltd (PML) ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में **13%** की बढ़ोतरी हुई है, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **36%** का जबरदस्त उछाल आया है। कंपनी ने **₹2.20** प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है।
PML के FY26 के नतीजे:
Permanent Magnets Ltd (PML) ने वितीय साल 2026 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने मजबूत रिकवरी और ग्रोथ दिखाई है।
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: 13% बढ़कर ₹225.46 करोड़ हो गया।
- स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): 36% बढ़कर ₹20.69 करोड़ दर्ज किया गया।
वहीं, कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 10% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹226.24 करोड़ रहा। हालांकि, सब्सिडियरी में हुए निवेश के कारण कंसोलिडेटेड PAT में 4% की मामूली गिरावट आई और यह ₹15.07 करोड़ रहा।
क्यों है यह अहम?
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स के कारण स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस में सुधार हुआ है, जो कंपनी की बढ़ती प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है। कंपनी ने अपने उधार लेने की लिमिट को बढ़ाकर ₹300 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है, जो भविष्य में एक्सपैंशन के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर की तैयारी का संकेत देता है। शेयरधारकों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए ₹2.20 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड प्रस्तावित किया गया है।
कंपनी की पिछली कहानी:
पिछले वितीय साल में कंसॉलिडेशन के दौर से गुजरने के बाद, PML ने FY26 में एक मजबूत रिकवरी दर्ज की है। FY26 की दूसरी छमाही में ग्रोथ विशेष रूप से तेज रही।
आगे क्या?
FY26 की चौथी तिमाही में PML ने अपने एलॉयज डिविजन में एक नया फर्नेस चालू किया है, जिसे AS9100D सर्टिफिकेशन मिला है। इससे एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में कंपनी के लिए नए दरवाजे खुल सकते हैं। वहीं, रिले (Relay) बिजनेस भी कमर्शियल रैंप-अप की कगार पर है और FY27 की दूसरी छमाही से इसका योगदान मिलने की उम्मीद है। क्वांटम मैग्नेटिक्स (Quantum Magnetics) अपने फेज 2 डेवलपमेंट पर काम कर रहा है, जिसका लक्ष्य FY31 तक 5,000 टन की इंटीग्रेटेड कैपेसिटी हासिल करना है।
जोखिम:
रिले बिजनेस के कमर्शियलाइजेशन में देरी हो सकती है, क्योंकि कस्टमर एंड्योरेंस टेस्टिंग चल रही है। यह कंपनी के लिए शॉर्ट-टर्म ग्रोथ का जोखिम पैदा कर सकता है। इसके अलावा, क्वांटम मैग्नेटिक्स का ग्लोबल रेयर-अर्थ सप्लाई पर, खासकर चीन पर निर्भर रहना, सप्लाई चेन के लिए एक जोखिम है।
खास मेट्रिक्स:
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू (FY26): ₹225.46 करोड़ (+13% vs FY25)
- स्टैंडअलोन PAT (FY26): ₹20.69 करोड़ (+36% vs FY25)
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (FY26): ₹226.24 करोड़ (+10% vs FY25)
- कंसोलिडेटेड PAT (FY26): ₹15.07 करोड़ (-4% vs FY25)
- EBITDA मार्जिन (FY26): 17% (vs 14% in FY25)
- डिविडेंड (FY26): ₹2.20 प्रति इक्विटी शेयर प्रस्तावित।
आगे क्या देखना है:
निवेशक अब रिले बिजनेस के असल कमर्शियलाइजेशन टाइमलाइन और क्वांटम मैग्नेटिक्स के फेज 2 डेवलपमेंट की प्रगति पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, एक्सपैंशन प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ाई गई उधार सीमा का सफल उपयोग भी महत्वपूर्ण होगा।
