Pennar Industries ने FY26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹138.83 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू **₹3,620.09 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी लगातार चौथे साल अपने मार्जिन को बेहतर बनाने में कामयाब रही है।
मुनाफे में दमदार इजाफा
Pennar Industries ने अपनी फाइनेंशियल परफॉर्मेंस से बाजार को प्रभावित किया है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹138.83 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा काफी नीचे था। कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) भी बढ़कर ₹10.29 हो गया है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने लगातार चौथे साल अपने PAT मार्जिन में विस्तार दर्ज किया है, जो ऑपरेशनल दक्षता को दर्शाता है।
आगे की रणनीति और लक्ष्य
मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 20% से अधिक PAT ग्रोथ का भरोसा जताया है। कंपनी अब अपने कोर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पोर्टफोलियो को दुरुस्त करने के लिए कंपनी ने डिफेंस सब्सिडियरी से बाहर निकलने और अपने सोलर डिवीजन को ZAP91 के साथ जॉइंट वेंचर में बदलने का अहम फैसला लिया है। कंपनी का लक्ष्य अपना डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.8 या उससे कम रखने का है।
सतर्क रहने की जरूरत (Risks)
ग्रोथ के साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी हैं। कंपनी का ग्रॉस डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.78 से बढ़कर 0.98 हो गया है। इसके अलावा, वर्किंग कैपिटल साइकिल 82 दिन तक पहुंच गई है, जो कंपनी के 75 दिन के लक्ष्य से अधिक है। निवेशकों को कंपनी की लिक्विडिटी और रिसीवेबल्स रिकवरी पर नजर रखनी चाहिए।
ऑर्डर बुक का दम
मौजूदा ऑर्डर बुक काफी मजबूत है, जिसमें अकेले भारत के प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग सेगमेंट का योगदान ₹810 करोड़ है। अंतिम तिमाही में ₹902.26 करोड़ के नए ऑर्डर मिलना कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी को और पुख्ता करता है।
