Parker Agrochem Exports ने FY26 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी ने घाटे से उबरते हुए **₹0.86 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने अब जोखिम भरे कमोडिटी ट्रेडिंग को छोड़कर स्टोरेज टैंक रेंटल के बिजनेस पर अपना पूरा फोकस शिफ्ट कर लिया है।
मुनाफे की नई राह
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर FY26 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने अपनी स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने पिछले साल के ₹0.20 करोड़ के नुकसान की तुलना में इस बार ₹0.86 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। हालांकि, रिवेन्यू में बड़ी गिरावट दिखी है, जो कि FY25 के ₹66.26 करोड़ से घटकर ₹5.32 करोड़ रह गया है, क्योंकि कंपनी ने अपना मुख्य कमोडिटी ट्रेडिंग का काम बंद कर दिया है।
बिजनेस मॉडल में बदलाव
अब कंपनी का पूरा जोर स्टोरेज टैंक रेंटल बिजनेस पर है। इसके लिए Parker Agrochem ने Parker Agrochem Products Pvt. Ltd. (PAPPL) के साथ एक लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट किया है।
AGM पर निवेशकों की नजर
30 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) में शेयरहोल्डर्स ₹6 करोड़ सालाना के रेंटल एग्रीमेंट पर मुहर लगाएंगे। इस एग्रीमेंट के तहत 23,243 MT की क्षमता वाले टैंक 5 साल के लिए लीज पर दिए जाएंगे।
आगे की चुनौतियां और संभावनाएं
कंपनी का भविष्य इस रेंटल एग्रीमेंट पर निर्भर है। अगर इसमें कोई भी रेगुलेटरी रुकावट आती है, तो कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है। हालांकि, मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि अगर उन्हें स्टोरेज टैंक की ऊंचाई बढ़ाने की मंजूरी मिलती है, तो रेंटल से होने वाली आय में और इजाफा हो सकता है। फिलहाल कंपनी ने यह भी साफ किया है कि बाजार की स्थितियां बेहतर होने पर वे ट्रेडिंग में वापस आने का विकल्प खुला रखेंगे।
