Pakka Ltd ने अपनी 46वीं AGM में FY26 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट **₹18.15 करोड़** रहा है, जबकि रेवेन्यू **₹355.80 करोड़** दर्ज किया गया। मैनेजमेंट ने अब प्रोजेक्ट जागृति के लिए कमर्शियल प्रोडक्शन की नई डेडलाइन **जनवरी 2027** तय की है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी के लिए पिछला साल चुनौतीपूर्ण रहा है। FY26 में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट घटकर ₹18.15 करोड़ रह गया है, जो कि पिछले साल ₹56.70 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹406.04 करोड़ से गिरकर ₹355.80 करोड़ पर आ गया है। कंपनी ने नतीजों में कमजोरी के लिए ऑपरेशनल शटडाउन और मार्केट के दबाव को मुख्य वजह बताया है। इस साल बोर्ड ने कोई भी डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
'प्रोजेक्ट जागृति' पर नजरें
निवेशकों के लिए सबसे अहम अपडेट कंपनी का फ्लैगशिप 'प्रोजेक्ट जागृति' है। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि ज्यादातर मशीनरी साइट पर पहुंच चुकी है। देरी के बावजूद, अब कमर्शियल प्रोडक्शन जनवरी 2027 से शुरू होने की उम्मीद है, जिस पर कंपनी की भविष्य की कमाई निर्भर करेगी।
ऑडिट और गवर्नेंस के सवाल
कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ने क्वालिफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) दिया है। यह मुद्दा विदेशी सब्सिडियरी 'Pakka Inc.' में ₹31.98 करोड़ के 'कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस' से जुड़ा है, जहाँ प्रोजेक्ट रुकने के कारण फंडिंग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा, सेक्रेटेरियल ऑडिट में रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस और विदेशी निवेश से जुड़ी रिपोर्टिंग में देरी पाई गई थी, जिसे सुधारने के लिए कंपनी ने नई गाइडलाइंस लागू की हैं। राहत की बात यह है कि NSE ने इन देरी के लिए लगने वाले जुर्माने को माफ कर दिया है।
