Padmanabh Industries का FY26 रेवेन्यू बढ़कर **₹2,202.77 लाख** पहुंच गया है, लेकिन कंपनी को 'क्वालिफाइड ऑडिट रिपोर्ट' का सामना करना पड़ा है। इंटरनल कंट्रोल और कंप्लायंस में खामियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए बेहतरीन आंकड़े पेश किए हैं। रेवेन्यू ₹2,202.77 लाख रहा, जो पिछले साल के ₹309.69 लाख के मुकाबले काफी ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी ₹1.46 लाख से बढ़कर ₹23.87 लाख पर पहुंच गया है।
क्यों परेशान हैं निवेशक?
कंपनी की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में सब कुछ सामान्य नहीं दिखा। स्टेट्यूटरी ऑडिटर ने कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स में बड़ी खामियां निकाली हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कंपनी ने Companies Act की धारा 138 के तहत अनिवार्य 'इंटरनल ऑडिटर' तक नियुक्त नहीं किया था।
बड़े रिस्क फैक्टर
- डॉक्यूमेंटेशन की कमी: ऑडिटर का कहना है कि कंपनी ट्रेड रिसीवेबल्स और पेएबल्स का सही मिलान नहीं कर पाई है। बैलेंस कन्फर्मेशन और रीकंसीलिएशन के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
- मैनेजमेंट में बदलाव: कंपनी ने आकाश भरतकुमार परमार को 5 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। साथ ही, अब M/s. M A A K & Associates नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर होंगे।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि नई लीडरशिप इन गवर्नेंस चिंताओं को कैसे दूर करती है। कंपनी के इंटरनल कंट्रोल में सुधार और MSME डिस्क्लोजर की कमियों को ठीक करना मैनेजमेंट की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जब तक ट्रांसपेरेंसी पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।
