Pace Digitek की सहायक कंपनी Lineage Power को Kalpa Power से ₹92.9 करोड़ का 100 MWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का ऑर्डर मिला है। इससे Pace Digitek के BESS बिजनेस और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
Pace Digitek की सहायक कंपनी ने ₹92.9 करोड़ का बैटरी स्टोरेज ऑर्डर जीता
ऑर्डर का मूल्य: ₹92.9 करोड़
क्षमता: 100 MWh BESS
निवेशकों के लिए खास: नए ऑर्डर से BESS कारोबार को मजबूती, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता दोगुनी होकर 10 GWh का लक्ष्य।
क्या हुआ?
Pace Digitek Limited ने बताया है कि उसकी मुख्य सहायक कंपनी, Lineage Power Private Limited (LPPL), को Kalpa Power Private Limited (KPPL) से एक लेटर ऑफ अवार्ड मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट 100 MWh क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सप्लाई और कमीशनिंग सपोर्ट के लिए है। इस ऑर्डर की कुल कीमत ₹92.9 करोड़ है, जिसमें GST भी शामिल है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह ऑर्डर Pace Digitek के बढ़ते हुए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) बिजनेस को मजबूत करता है और इसके मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस के लिए निकट भविष्य की विजिबिलिटी को बढ़ाता है। यह ऊर्जा भंडारण के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में कंपनी की बड़ी कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की क्षमता को दर्शाता है।
क्या है पृष्ठभूमि?
Pace Digitek यूटिलिटी-स्केल और कमर्शियल व इंडस्ट्रियल (C&I) एनर्जी स्टोरेज की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी BESS मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का विस्तार कर रही है। पिछले एक साल में कंपनी 1.5 GWh के बराबर 300 से अधिक यूटिलिटी-स्केल BESS कंटेनर बना चुकी है।
अब क्या बदलेगा?
यह नया कॉन्ट्रैक्ट 31 दिसंबर, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। Pace Digitek ने अपनी BESS मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 2.5 GWh से बढ़ाकर 5 GWh कर लिया है। कंपनी का लक्ष्य FY2027 के अंत तक इसे बढ़ाकर 10 GWh करना है, ताकि बड़े प्रोजेक्ट्स और उत्पाद सप्लाई को सपोर्ट किया जा सके।
जोखिम
निवेशकों को प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की समय-सीमा और FY2027 तक कंपनी की महत्वाकांक्षी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विस्तार लक्ष्यों को पूरा करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी देरी या लागत में वृद्धि से मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों को Kalpa Power के साथ चल रहे 100 MWh BESS प्रोजेक्ट की प्रगति और भविष्य में मिलने वाले ऑर्डर्स पर नज़र रखनी चाहिए। FY2027 तक 10 GWh के लक्ष्य के मुकाबले कंपनी के क्षमता विस्तार रोडमैप और एग्जीक्यूशन की निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
