Pace Digitek Ltd. ने वित्त वर्ष 2026 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **8.3%** बढ़कर **₹2,641.3 करोड़** रहा, वहीं नेट प्रॉफिट में **10.1%** का इजाफा हुआ और यह **₹307.3 करोड़** पर पहुंच गया। कंपनी के पास **₹11,338 करोड़** का जबरदस्त ऑर्डर बुक है, जो आने वाले सालों के लिए अच्छी ग्रोथ की उम्मीद जगाता है।
Pace Digitek Ltd. के FY2026 के वित्तीय नतीजे
वित्त वर्ष 2026 के लिए रेवेन्यू: ₹2,641.3 करोड़
वित्त वर्ष 2026 के लिए नेट प्रॉफिट: ₹307.3 करोड़
निवेशकों के लिए खास: ऑर्डर बुक के दम पर रेवेन्यू और PAT में मजबूत ग्रोथ; कंपनी अब क्षमता विस्तार और एन्युटी मॉडल पर फोकस कर रही है।
क्या हुआ?
Pace Digitek Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹2,641.3 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष 2025 के ₹2,438.8 करोड़ की तुलना में 8.3% अधिक है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 10.1% का इजाफा हुआ और यह ₹307.3 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹279.1 करोड़ था। हालांकि, EBITDA में 5.5% की मामूली गिरावट देखी गई, जो ₹481.7 करोड़ से घटकर ₹455.2 करोड़ रह गया।
यह क्यों मायने रखता है?
ये नतीजे Pace Digitek के टॉप-लाइन (रेवेन्यू) और बॉटम-लाइन (प्रॉफिट) में लगातार ग्रोथ का संकेत देते हैं। ₹11,338 करोड़ की बड़ी ऑर्डर बुक आने वाले कई सालों के लिए कंपनी की ग्रोथ की राह साफ करती है। मैनेजमेंट द्वारा FY27 और FY28 के लिए दिया गया रेवेन्यू गाइडेंस कंपनी के आत्मविश्वास को दर्शाता है। वहीं, एन्युटी-आधारित बिल्ड-ओन-ऑपरेट (BOO) मॉडल की ओर रणनीतिक बदलाव से लंबे समय तक स्थिर कैश फ्लो की उम्मीद है। BESS मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के विस्तार के साथ, यह कदम कंपनी को भविष्य में वैल्यू बनाने के लिए तैयार करता है।
कंपनी की पूरी कहानी
Pace Digitek मुख्य रूप से दो सेगमेंट्स में काम करती है: एनर्जी-से-संबंधित प्रोजेक्ट्स (BOO, EPC, सप्लाई) और टेलीकॉम व ICT इंफ्रास्ट्रक्चर। कंपनी एक बड़ा रणनीतिक बदलाव कर रही है, जो सिर्फ EPC मॉडल से आगे बढ़कर मैन्युफैक्चरिंग और BOO को भी शामिल करेगा। BESS मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 2.5 GWh से बढ़ाकर 10 GWh करने के लिए महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय किया जा रहा है। IPO से मिले फंड का एक हिस्सा MSEDCL BESS प्रोजेक्ट में भी लगाया गया है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अब अपनी बड़ी ऑर्डर बुक को पूरा करने और BESS मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। BOO मॉडल में बदलाव से रेवेन्यू स्ट्रीम अधिक अनुमानित और एन्युटी-आधारित होने की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए ₹3,200–3,400 करोड़ और FY28 के लिए ₹4,000–4,200 करोड़ का रेवेन्यू लक्ष्य रखा है, जो ग्रोथ की स्पष्ट दिशा दिखाता है।
जोखिम:
निवेशकों को नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं की समय पर शुरुआत पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, जिनकी समय-सीमा FY27 तय की गई है। इसके अलावा, रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद EBITDA में आई मामूली गिरावट पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशंस को बढ़ा रही है।
मुख्य आंकड़े (समय-सीमा के अनुसार):
- 25 मई 2026 तक कुल ऑर्डर बुक: ₹11,338 करोड़।
- FY2026 रेवेन्यू: ₹2,641.3 करोड़ (8.3% YoY ग्रोथ)।
- FY2026 नेट प्रॉफिट: ₹307.3 करोड़ (10.1% YoY ग्रोथ)।
- FY2026 EBITDA: ₹455.2 करोड़ (5.5% YoY गिरावट)।
- रेवेन्यू गाइडेंस FY27E: ₹3,200 – 3,400 करोड़।
- रेवेन्यू गाइडेंस FY28E: ₹4,000 – 4,200 करोड़।
- BESS मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विस्तार का लक्ष्य: 10 GWh (वर्तमान 2.5 GWh से)।
आगे क्या?
निवेशक नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं के चालू होने और BOO प्रोजेक्ट्स को हासिल करने व उन्हें पूरा करने की प्रगति पर अपडेट का बेसब्री से इंतजार करेंगे। मार्जिन ट्रेंड्स, खासकर EBITDA पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि कंपनी अपने ऑपरेशंस का पैमाना बढ़ा रही है।
