PVV Infra Limited ने मध्य प्रदेश में दो नए वेसाइड एमेनिटी (Wayside Amenity) प्रोजेक्ट्स पर निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। NHLML से साइट हैंडओवर मिलने के बाद कंपनी ने 27 अक्टूबर, 2026 को 'अपॉइंटेड डेट' तय की है, जिससे यह काम अब पूरी तरह से DBOT मॉडल के तहत सक्रिय हो गया है।
निर्माण कार्य का हुआ आगाज
PVV Infra को दो महत्वपूर्ण साइट्स का भौतिक कब्जा (physical possession) मिल गया है, जिसके साथ ही 27 अक्टूबर, 2026 की आधिकारिक 'अपॉइंटेड डेट' तय हो गई है। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि कंपनी अब कागजी कार्रवाई से आगे बढ़कर प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया में है।
क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
यह प्रोजेक्ट DBOT (Design, Build, Operate, and Transfer) मॉडल पर आधारित है। इसका मतलब है कि निर्माण पूरा होने के बाद कंपनी के लिए भविष्य में कमाई का एक नया जरिया खुलेगा। प्रोजेक्ट्स का जमीन पर काम शुरू होने से रेगुलेटरी और भूमि अधिग्रहण संबंधी जोखिम काफी हद तक कम हो गए हैं।
प्रोजेक्ट की डीटेल्स
कंपनी मध्य प्रदेश में दो प्रमुख लोकेशन्स पर काम कर रही है:
- उज्जैन-गरोठ सेक्शन (NH-752D): यह धनोदिया में स्थित है और 4.20 हेक्टेयर में फैला है, जो उज्जैन NHAI-PIU के अंतर्गत आता है।
- ग्वालियर-झांसी रोड (NH-44): यह डबरा में स्थित है और 2.89 हेक्टेयर के क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जो ग्वालियर NHAI-PIU के अंतर्गत आता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अब निवेशकों की नजरें अगली तिमाही की फाइलिंग पर होनी चाहिए, ताकि यह ट्रैक किया जा सके कि निर्माण कार्य तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है या नहीं। चूंकि यह एक DBOT कॉन्ट्रैक्ट है, इसलिए समय पर निर्माण पूरा होना बेहद जरूरी है ताकि कंपनी 'ऑपरेट' फेज में प्रवेश कर सके और कैश फ्लो जेनरेट करना शुरू कर दे।
