POCL Enterprises ने Planetfirst Green Private Limited के विलय के लिए 27 नवंबर, 2026 को NCLT द्वारा बुलाई गई बैठक तय की है। इस मर्जर का उद्देश्य लीड रिसाइकिलिंग ऑपरेशंस को एकीकृत करना और पश्चिमी भारत में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट को बढ़ाना है।
विलय की बड़ी योजना
POCL Enterprises लिमिटेड ने अपने शेयरहोल्डर्स की एक जरूरी बैठक बुलाई है, जो 27 नवंबर, 2026 को आयोजित होगी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा Planetfirst Green Private Limited के साथ विलय (Amalgamation) को मंजूरी देना है। यह मीटिंग हाइब्रिड फॉर्मेट में होगी, जिससे शेयरहोल्डर्स वर्चुअली और फिजिकल तौर पर शामिल हो सकेंगे। वोटिंग की प्रक्रिया 24 नवंबर से 26 नवंबर, 2026 के बीच चलेगी।
क्यों अहम है यह डील?
यह मर्जर कंपनी के लिए एक 'वर्टिकली इंटीग्रेटेड' बिजनेस मॉडल तैयार करेगा। POCL, जो लीड मेटल्स और मेटालिक ऑक्साइड बनाती है, अब Planetfirst Green की रिसाइकिलिंग और रिफाइनिंग क्षमताओं को अपने साथ जोड़ेगी। इससे कंपनी को कच्चे माल (Raw Materials) की स्थिर आपूर्ति मिलेगी और सूरत में मौजूद फैसिलिटी के जरिए पश्चिमी भारत के बाजार में बड़ी पैठ बनाने में मदद मिलेगी।
वित्तीय आंकड़े और शेयर का गणित
वित्तीय वर्ष 2025-26 के डेटा के अनुसार, POCL का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1,431.68 करोड़ था, जबकि Planetfirst Green ने ₹245.28 करोड़ का योगदान दिया। विलय के लिए तय किए गए शेयर एक्सचेंज रेशियो के तहत:
- Planetfirst Green के हर 100 इक्विटी शेयर के बदले POCL के 13 फुली पेड-अप इक्विटी शेयर मिलेंगे।
- प्रेफरेंस शेयरहोल्डर्स को हर 100 शेयरों के बदले 5 शेयर जारी किए जाएंगे।
आगे क्या होगा?
शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद, इस स्कीम को अंतिम रूप से NCLT की मंजूरी की जरूरत होगी। कानूनी तौर पर इसे पूरा करने के लिए रेगुलेटरी फाइलिंग और वोटिंग के नतीजों पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
