POCL Enterprises ने FY26 के लिए अपना अब तक का सबसे ज्यादा **₹39.61 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। प्लांट अपग्रेड के चलते रेवेन्यू में मामूली गिरावट के बावजूद कंपनी ने कुल **₹1.20** प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है और साथ ही कई नई विस्तार योजनाओं की घोषणा की है।
मुनाफे में बड़ी छलांग
POCL Enterprises के लिए यह साल रिकॉर्ड बनाने वाला रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹39.61 करोड़ पर पहुंच गया है, वहीं EBITDA में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जो पिछले साल के ₹63.93 करोड़ से बढ़कर ₹75.77 करोड़ हो गया है। बोर्ड ने ₹0.80 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिससे पूरे साल का कुल डिविडेंड ₹1.20 प्रति शेयर हो गया है।
रेवेन्यू पर दबाव क्यों रहा?
कंपनी के रेवेन्यू में 1.27% की मामूली गिरावट देखी गई, जो ₹1,431.68 करोड़ रहा। मैनेजमेंट का कहना है कि यह गिरावट Maraimalai Nagar प्लांट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए जरूरी अपग्रेड के चलते आई है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि एक्सपोर्ट सेल्स में 52.66% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। साथ ही, 'POEL LEAD' के लिए LME ब्रांड लिस्टिंग मिलने से कंपनी की वैश्विक स्थिति और मजबूत हुई है।
नई स्ट्रैटेजी और विस्तार
कंपनी ने ग्रोथ के लिए अपनी कमर कस ली है:
- Trichy Metals and Alloys (TMA): कंपनी ने ₹12.47 करोड़ में इसकी 51% हिस्सेदारी खरीदी है, जिससे लीड रिफाइनिंग क्षमता बढ़ेगी।
- Zinc Oxide Capacity: कंपनी Q2 FY27 तक 2,400 MTPA की नई जिंक ऑक्साइड क्षमता शुरू करने जा रही है, जिससे सालाना ₹60-70 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।
- Amalgamation: Planetfirst Green Private Limited (PGPL) के विलय की प्रक्रिया को BSE से मंजूरी मिल गई है।
निवेशकों को अब 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 38वीं AGM पर नजर रखनी चाहिए, जहां फ्यूचर गाइडेंस पर चर्चा हो सकती है।
