POCL Enterprises को NCLT से बड़ी राहत मिली है। कंपनी **27 नवंबर 2026** को शेयरधारकों और लेनदारों की बैठक आयोजित करेगी, जिसमें Planetfirst Green Private Limited के साथ मर्जर पर वोटिंग होगी।
NCLT का बड़ा फैसला
NCLT चेन्नई बेंच ने POCL Enterprises और Planetfirst Green के विलय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 27 नवंबर 2026 को महत्वपूर्ण बैठकें बुलाने का आदेश दिया है। 13 अक्टूबर 2026 के आदेश के बाद, कंपनी अपने चेन्नई स्थित रजिस्टर्ड ऑफिस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ये मीटिंग्स करेगी। इसमें इक्विटी शेयरधारकों की बैठक सुबह 10:30 बजे और असुरक्षित लेनदारों (Unsecured Creditors) की मीटिंग दोपहर 12:30 बजे तय की गई है।
क्यों खास है यह डील?
यह मर्जर POCL Enterprises के लिए काफी रणनीतिक है। कंपनी लेड मेटल्स और मेटालिक ऑक्साइड बनाती है, और इस विलय से वह Planetfirst Green की रिसाइकिलिंग और रिफाइनिंग क्षमताओं को खुद में शामिल कर लेगी। इससे कंपनी को अपनी सप्लाई चेन पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा और वह सीधे तौर पर रिसाइकिल मेटल्स का उपयोग कर सकेगी।
पश्चिमी भारत में विस्तार की तैयारी
इस डील के पीछे एक बड़ा मकसद गुजरात के सूरत में स्थित Planetfirst Green की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को हासिल करना है। इससे कंपनी को पश्चिमी भारत के औद्योगिक बाजारों में सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स और क्लाइंट सर्विस में सुधार होगा।
शेयर स्वैप रेशियो (Share Swap Ratio)
रजिस्टर्ड वैल्युअर ने विलय के लिए निम्नलिखित रेशियो तय किए हैं:
- Planetfirst Green के इक्विटी शेयरधारक: हर 100 शेयरों के बदले POCL के 13 फुली पेड-अप शेयर मिलेंगे।
- Planetfirst Green के प्रेफरेंस शेयरधारक: हर 100 शेयरों के बदले POCL के 5 फुली पेड-अप शेयर मिलेंगे।
अब निवेशकों की नजरें 27 नवंबर की मीटिंग्स के नतीजों पर टिकी हैं। स्टेकहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी फाइनल NCLT सैंक्शन के लिए आवेदन करेगी।
