PNC Infratech को ₹3,483 करोड़ के दो हाईवे प्रोजेक्ट मिले, UP में होगा निर्माण

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AuthorNeha Patil|Published at:
PNC Infratech को ₹3,483 करोड़ के दो हाईवे प्रोजेक्ट मिले, UP में होगा निर्माण

PNC Infratech ने उत्तर प्रदेश में दो बड़े हाईवे प्रोजेक्ट के लिए NHAI के साथ एग्रीमेंट साइन किए हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स की कुल लागत **₹3,483 करोड़** है और इन्हें हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनाया जाएगा।

PNC Infratech के ऑर्डर बुक में ₹3,483 करोड़ का इजाफा

इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी PNC Infratech लिमिटेड को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से उत्तर प्रदेश में दो बड़े हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स मिले हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स की कुल बिड प्रोजेक्ट कॉस्ट ₹3,483 करोड़ है।

**क्या हुआ है?

PNC Infratech ने NHAI के साथ उत्तर प्रदेश में दो हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। ये प्रोजेक्ट्स पैकेज I (बाराबंकी से मुस्तफाबाद) और पैकेज II (मुस्तफाबाद से बिस्वरीया) हैं। इन्हें डेडिकेटेड स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) के ज़रिए एग्जीक्यूट किया जाएगा, जिनका नाम क्रमशः बाराबंकी मुस्तफाबाद हाईवे प्राइवेट लिमिटेड और मुस्तफाबाद बिस्वरीया हाईवे प्राइवेट लिमिटेड होगा।

पैकेज I की बिड प्रोजेक्ट कॉस्ट ₹1,728 करोड़ है, जबकि पैकेज II की ₹1,755 करोड़ है, जिससे कुल योग ₹3,483 करोड़ होता है।

**यह क्यों महत्वपूर्ण है?

ये नए प्रोजेक्ट PNC Infratech के ऑर्डर बुक में बड़ी मजबूती लाएंगे और इसके कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन्स डिवीजन्स के लिए रेवेन्यू विजिबिलिटी सुनिश्चित करेंगे। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) कंपनी को एक स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल फ्रेमवर्क के साथ बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स अंडरटेक करने की सुविधा देता है। ये प्रोजेक्ट्स उत्तर प्रदेश में NH-927 पर स्थित हैं।

**क्या बदलेगा?

अब कंपनी SPVs का गठन करेगी और NHAI द्वारा 'अपॉइंटेड डेट' (नियुक्त तिथि) की घोषणा का इंतजार करेगी। यह तिथि मिलते ही दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए 24 महीने की कंस्ट्रक्शन अवधि शुरू हो जाएगी। कंस्ट्रक्शन पूरा होने के बाद, PNC Infratech 15 सालों तक इन प्रोजेक्ट्स का ऑपरेशन और मैनेजमेंट करेगी।

**जोखिम क्या हैं?

मुख्य जोखिम NHAI द्वारा 'अपॉइंटेड डेट' की घोषणा में संभावित देरी है, जिससे 24 महीने की कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन शुरू होने में विलंब हो सकता है। बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े एक्जीक्यूशन रिस्क भी एक अहम पहलू हैं जिन पर नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.