PNC Infratech को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। कोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा लगाए गए डिबारमेंट (debarment) आदेश पर रोक लगा दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उनके कामकाज और मेंटेनेंस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कोर्ट से मिली बड़ी राहत
PNC Infratech Limited को दिल्ली हाईकोर्ट से उस समय बड़ी राहत मिली, जब कोर्ट ने NHAI द्वारा शुरू की गई डिबारमेंट कार्यवाही पर स्टे लगा दिया। यह राहत न केवल पेरेंट कंपनी, बल्कि उनकी स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) 'Awadh Expressway Pvt Ltd' को भी मिली है। NHAI ने 3 सितंबर, 2026 को कंसेशनेयर और 11 सितंबर, 2026 को कंपनी को डिबारमेंट नोटिस जारी किए थे, जिस पर 12 अक्टूबर, 2026 को आए हाईकोर्ट के आदेश ने फिलहाल विराम लगा दिया है।
ऑपरेशन्स पर असर?
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनियों के लिए NHAI का डिबारमेंट एक बड़ा खतरा होता है, क्योंकि इससे नए प्रोजेक्ट्स की बिडिंग और मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स पर असर पड़ सकता है। हालांकि, मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि कंपनी के डेवलपमेंट, कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस के काम बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे।
गवर्नेंस और आगे का रास्ता
कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि SEBI के 'प्रोहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग' रेगुलेशन्स के तहत ट्रेडिंग विंडो पहले से ही बंद थी। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मामला अभी सब-जुडिस (sub-judice) है। भविष्य में कंपनी की नए टेंडर्स में भागीदारी और सरकारी प्रोजेक्ट्स में स्थिति कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी, इसलिए निवेशकों को कोर्ट की अगली सुनवाई पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
